एडवाइजरी के मुख्य बिंदु दूतावास ने कहा, “ईरान में विकसित हो रही स्थिति को देखते हुए सभी भारतीय नागरिकों से अनुरोध है कि वे उपलब्ध परिवहन साधनों से देश छोड़ दें।” साथ ही, सभी भारतीय नागरिकों और PIOs को सलाह दी गई है कि वे अपने पासपोर्ट, आईडी और अन्य यात्रा दस्तावेज़ हमेशा तैयार रखें। किसी भी सहायता के लिए दूतावास से संपर्क करें। नागरिकों को प्रदर्शनों या विरोध प्रदर्शनों वाले इलाकों से दूर रहने और स्थानीय मीडिया पर नजर रखने को भी कहा गया है।
हेल्पलाइन नंबर और संपर्क
• मोबाइल: +98-9128109115, +98-9128109109, +98-9128109102, +98-9932179359
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दूतावास ने MEA-ERS पोर्टल (https://www.meaers.com/
क्यों जारी हुई यह सलाह? यह एडवाइजरी ईरान में हालिया छात्र विरोध प्रदर्शनों, विश्वविद्यालयों में हिंसक झड़पों और ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण आई है। अमेरिका ने क्षेत्र में दो एयरक्राफ्ट कैरियर, F-16, F-15E, F-22 जैट्स सहित सैन्य ताकत बढ़ाई है। ट्रंप प्रशासन ने ईरान को न्यूक्लियर डील के लिए 10-15 दिन का अल्टीमेटम दिया है, जबकि ईरान ने हमले की स्थिति में जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। दोनों पक्षों के बीच ओमान के माध्यम से 26 फरवरी को बातचीत होने वाली है, लेकिन स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। पिछली एडवाइजरी 5 जनवरी और 14 जनवरी 2026 को जारी हुई थी, जिसमें गैर-जरूरी यात्रा से बचने और सतर्क रहने को कहा गया था। ईरान में करीब 9,000 से 10,000 भारतीय नागरिक रह रहे हैं, जिनमें ज्यादातर छात्र और व्यापारी शामिल हैं।
विदेश मंत्रालय की स्थिति विदेश मंत्रालय (MEA) ने पहले ही ईरान की यात्रा पर ‘अनिवार्य न होने तक’ रोक लगाई हुई है। दूतावास ने नागरिकों से संपर्क में रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचित करने को कहा है। अभी तक कोई बड़े पैमाने पर निकासी अभियान शुरू नहीं किया गया है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यह ताजा एडवाइजरी उन भारतीयों के लिए महत्वपूर्ण है जो ईरान में पढ़ाई, व्यापार या तीर्थ यात्रा पर हैं। विदेश मंत्रालय ने सभी से अपील की है कि वे सतर्क रहें और दूतावास के निर्देशों का पालन करें। स्थिति पर नजर बनी हुई है, कोई नया विकास होने पर अपडेट जारी किए जाएंगे।

