मशहूर बॉलीवुड अभिनेता और कॉमेडियन राजपाल यादव एक बार फिर अपनी कॉमिक टाइमिंग के लिए नहीं, बल्कि गंभीर कानूनी और आर्थिक संकट के कारण चर्चा में हैं। हाल ही में उन्हें 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा है। उन्हें जेल से बाहर लाने के लिए उनके शुभचितंकों ने हाथ बढाएं है। सूत्रों के अनुसार चंदा करके राजपाल यादव के कर्ज को उतारने की कोशिशें हो रही है।
राजपाल यादव की आर्थिक स्थिति
राजपाल यादव की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हुई। उनकी एक फिल्म फ्लाॅप हो गई जिससे वह कर्ज में डूब गए। एक फिल्म जिसने कॉमेडी किंग को कर्ज में डुबोया। राजपाल यादव की आर्थिक गिरावट की शुरुआत साल 2010 में हुई थी। उन्होंने बतौर निर्देशक अपनी पहली फिल्म अता पता लापता बनाने का फैसला किया। इस प्रोजेक्ट के लिए उन्होंने दिल्ली स्थित कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। 2012 में रिलीज हुई यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह असफल रही।
बढ़ता चला गया कर्ज
फिल्म से कमाई न होने के कारण राजपाल कर्ज नहीं चुका पाए। जो बढता चला गया। ब्याज और कानूनी जुर्माने के चलते 5 करोड़ की यह रकम बढ़कर अब लगभग 9 करोड़ रुपये हो चुकी है।
कब-कब जेल गए राजपाल यादव
राजपाल यादव के लेन-देन से जुड़े कानूनी विवादों और जेल यात्राओं का इतिहास काफी लंबा रहा है। दिसंबर 2013 (10 दिन की जेल) दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव को झूठा हलफनामा देने के मामले में 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था। कोर्ट ने माना था कि उन्होंने कर्ज से जुड़ी जानकारी छिपाने की कोशिश की। अप्रैल 2018 (सजा और जमानत)ः कड़कड़डूमा कोर्ट ने चेक बाउंस के 7 मामलों में उन्हें 6 महीने की जेल की सजा सुनाई थी। हालांकि, उस वक्त उन्हें तुरंत जमानत मिल गई थी। नवंबर 2018 (3 महीने की जेल)ः कर्ज न चुकाने और कोर्ट को गुमराह करने के चलते दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें 3 महीने की सिविल जेल की सजा सुनाई थी, जो उन्होंने काटी। फरवरी 2026 (6 महीने की जेल – वर्तमान स्थिति)ः कोर्ट द्वारा दी गई कई डेडलाइंस को मिस करने और लगभग 9 करोड़ का बकाया न चुका पाने के कारण, कोर्ट ने उनकी रियायत की अपील खारिज कर दी। 5 फरवरी 2026 को राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में सरेंडर किया, जहां वे फिलहाल अपनी सजा काट रहे हैं। वर्तमान आर्थिक स्थिति और संपत्ति पर संकटराजपाल यादव की आर्थिक हालत फिलहाल काफी नाजुक बताई जा रही है। उन्होंने खुद सरेंडर से पहले भावुक होते हुए कहा था, मेरे पास अब पैसे नहीं बचे हैं, और कोई उपाय नहीं दिख रहा।
संपत्ति की कुर्की
अगस्त 2024 में, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने कर्ज की वसूली के लिए उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में स्थित राजपाल यादव के पुश्तैनी घर और बैंक से जुड़ी कुछ संपत्तियों को सील कर दिया था। वहीं, उनकी इस स्थिति को देखते हुए अभिनेता सोनू सूद, तेज प्रताप यादव (जिन्होंने 11 लाख रुपये की मदद की घोषणा की) और अन्य फिल्म हस्तियों ने उनकी आर्थिक मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए हैं। राजपाल यादव ने समय-समय पर कुछ किश्तें (जैसे 2025 में 75 लाख रुपये) चुकाई थीं, लेकिन कुल बकाया राशि का बड़ा हिस्सा अभी भी लंबित है, जिसके कारण कानून ने उन पर कड़ा रुख अपनाया है।

