नोएडा | नोएडा प्राधिकरण ने शहर के विकास को नई रफ्तार देते हुए विभिन्न श्रेणियों के भूखंडों (Plots) के लिए अपनी बहुप्रतीक्षित योजनाएं लॉन्च कर दी हैं। इस योजना के तहत औद्योगिक (Industrial), संस्थागत (Institutional), और वाणिज्यिक (Commercial) उपयोग के लिए प्लॉट आवंटित किए जाएंगे। खास बात यह है कि इन सभी का आवंटन पारदर्शी तरीके से ई-ऑक्शन (E-Auction) के माध्यम से किया जाएगा।
1. किन श्रेणियों में खुले हैं प्लॉट?
नोएडा प्राधिकरण ने अलग-अलग जरूरतों के अनुसार भूखंडों को विभाजित किया है:
- औद्योगिक भूखंड (Industrial Plots): निवेश और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए सेक्टर 80, 145 और 150 जैसे प्रमुख क्षेत्रों में प्लॉट उपलब्ध हैं।
- संस्थागत भूखंड (Institutional Plots): स्कूल, अस्पताल और आईटी/आईटीईएस कंपनियों के लिए विशेष स्कीम।
- वाणिज्यिक भूखंड (Commercial Plots): शॉपिंग मॉल, शोरूम और ऑफिस स्पेस के लिए शहर के प्राइम लोकेशंस पर भूखंड।
2. ई-ऑक्शन (E-Auction) की पूरी प्रक्रिया: स्टेप-बाय-स्टेप
प्राधिकरण ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन रखा है:
- पंजीकरण (Registration): इच्छुक खरीदारों को सबसे पहले नोएडा प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट या पोर्टल पर जाकर पंजीकरण करना होगा।
- दस्तावेज अपलोड: आवेदन के साथ जरूरी केवाईसी दस्तावेज, प्रोजेक्ट रिपोर्ट और वित्तीय क्षमता के प्रमाण अपलोड करने होंगे।
- ईएमडी (EMD) का भुगतान: बोली लगाने से पहले ‘अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट’ (कुल कीमत का करीब 10%) जमा करना अनिवार्य है।
- बोली की प्रक्रिया (Bidding): निर्धारित तिथि पर ई-ऑक्शन पोर्टल लाइव होगा। यहाँ आवेदक अपने घर या ऑफिस से बैठकर ऑनलाइन बोली लगा सकते हैं।
- विजेता का चयन: जो आवेदक सबसे ऊंची बोली (Highest Bidder – H1) लगाएगा, उसे ही भूखंड आवंटित किया जाएगा।
3. महत्वपूर्ण जानकारी और नियम
- प्रवेश शुल्क: आवेदन के लिए एक नॉन-रिफंडेबल प्रोसेसिंग फीस देनी होगी।
- पेमेंट प्लान: सफल बोलीदाता को आवंटन पत्र (Allotment Letter) जारी होने के निश्चित समय के भीतर बाकी की रकम जमा करनी होगी।
- विकास की समय सीमा: प्लॉट मिलने के बाद एक निश्चित अवधि के भीतर निर्माण कार्य शुरू करना अनिवार्य है।

