Delhi faces another bomb threat: 9-10 स्कूलों को ‘खालिस्तान’ वाला ईमेल, संसद पर 13 फरवरी को हमले की चेतावनी – धमकी झूठी निकली, लेकिन बच्चों पर मानसिक असर गहरा

Delhi faces another bomb threat: राजधानी दिल्ली में एक बार फिर बम धमकियों का सिलसिला जारी है। 9 फरवरी 2026 की सुबह 8:30 से 9:00 बजे के बीच शहर के कम से कम 9-10 प्रमुख स्कूलों को ईमेल से बम धमकी मिली थी। धमकी में लिखा था – “दिल्ली बनेगा खालिस्तान। अफजल गुरु की याद में दोपहर 1:11 बजे धमाका होगा।” ईमेल ‘खालिस्तान नेशनल आर्मी’ के नाम से साइन किया गया था। इसमें 13 फरवरी को संसद भवन में भी 1:11 बजे ब्लास्ट की धमकी दी गई है।

प्रभावित स्कूल और तत्काल कार्रवाई
धमकी मिलते ही दिल्ली पुलिस, फायर ब्रिगेड, बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचे। छात्र-छात्राओं और स्टाफ को तुरंत एवेक्यूएट किया गया। प्रभावित स्कूलों में शामिल हैं:
• लोरेटो कॉन्वेंट (दिल्ली कैंट)
• वेंकटेश्वर ग्लोबल स्कूल (रोहिणी)
• कैंब्रिज स्कूल (श्रीनिवासपुरी और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी)
• द इंडियन स्कूल (सदिक नगर)
• सीएम श्री स्कूल (रोहिणी)
• डीटीईए स्कूल (आईएनए)
• बाल भारती स्कूल (रोहिणी)
• मानव स्थली स्कूल (न्यू राजेंद्र नगर)
तलाशी के बाद अधिकांश रिपोर्ट्स में धमकी को झूठी (होक्स) घोषित कर दिया गया। कोई विस्फोटक नहीं मिला। लेकिन इस घटना से पूरे दिन स्कूल बंद रहे और पढ़ाई प्रभावित हुई।

बार-बार धमकियांः सुरक्षा चूक या साइबर शरारत?
यह कोई नई घटना नहीं है। 2026 में ही जनवरी महीने में 29 जनवरी को 5 स्कूलों और 28 जनवरी को द्वारका कोर्ट को धमकी मिली थी, जो झूठी निकलीं। 2025 में भी दिल्ली-एनसीआर के सैकड़ों स्कूलों को इसी तरह के होक्स ईमेल आए थे। विशेषज्ञों का कहना है कि ये धमकियां ज्यादातर होक्स होती हैं, जिनका मकसद अफरा-तफरी मचाना, इमरजेंसी सर्विसेज पर दबाव डालना और समाज में डर पैदा करना होता है।

स्कूलों को निशाना बनाने की वजह:
• स्कूल सॉफ्ट टारगेट हैं – बच्चों की मौजूदगी से ज्यादा पैनिक होता है। अभिभावकों में घबराहट फैलती है, सोशल मीडिया पर अफवाहें तेजी से फैलती हैं।साइबर क्रिमिनल्स VPN या विदेशी सर्वर का इस्तेमाल कर ट्रेसिंग मुश्किल बनाते हैं।

क्या यह खुफिया नाकामी या सुरक्षा में कमी है?
पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और साइबर सेल ईमेल के IP एड्रेस ट्रेस कर रही है। लेकिन बार-बार ऐसी घटनाएं साइबर सिक्योरिटी की चुनौतियों को उजागर करती हैं। कई मामलों में धमकियां विदेश से भेजी जाती हैं, जिससे जांच में देरी होती है।

बच्चों और पढ़ाई पर बुरा असर
ये बार-बार की धमकियां बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल रही हैं:
• एवेक्यूएशन के दौरान डर और ट्रॉमा।
• स्कूल बंद होने से पढ़ाई का नुकसान।
• अभिभावक परेशान, कई बच्चे स्कूल जाने से डरने लगे हैं।

मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसे होक्स से बच्चों में चिंता और स्ट्रेस बढ़ता है। स्कूल प्रशासन अब साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग और ड्रिल पर जोर दे रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने चेतावनी दी है कि होक्स धमकी देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। संसद पर धमकी को देखते हुए सुरक्षा और बढ़ा दी गई है। यह सिलसिला कब रुकेगा, यह बड़ा सवाल है। फिलहाल, राजधानी में अलर्ट जारी है।

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