अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र और निर्वाचन प्रबंधन सम्मेलन-2026 का समापन
New Delhi news भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र और निर्वाचन प्रबंधन सम्मेलन (आईआईसीडीईएम)-2026 का तीन दिवसीय आयोजन नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। समापन सत्र में विश्वभर के निर्वाचन प्रबंधन निकायों (ईएमबी), विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, समावेशी और तकनीक-समर्थ बनाना रहा।
दिल्ली घोषणा-2026 का अंगीकार
समापन सत्र में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने दिल्ली घोषणा-2026 का वाचन किया, जिसे 42 ईएमबी ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया। घोषणा में पाँच प्रमुख स्तंभ शामिल हैं:
- मतदाता सूचियों की शुद्धता
- चुनावों का संचालन
- अनुसंधान और प्रकाशन
- प्रौद्योगिकी का उपयोग
- प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण
प्रतिभागियों ने इन स्तंभों पर समय-समय पर प्रगति समीक्षा करने और दिसंबर 2026 में पुनः बैठक करने का प्रस्ताव रखा।
वैश्विक सहयोग और डिजिटल नवाचार
सम्मेलन में वैश्विक लोकतंत्रों का एक संकलित विश्वकोश तैयार करने पर सहमति बनी। इंटरनेशनल आईडीईए सात विषयों पर, जबकि आईआईसीडीईएम 36 विषयों पर व्यापक रिपोर्ट विकसित करेगा। साथ ही, ईसीआईनेट जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के सह-विकास और चुनावी संचालन में पेशेवर ज्ञान साझा करने पर जोर दिया गया।
चुनावी मानकों पर हुआ मंथन
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि सम्मेलन ने अंतरराष्ट्रीय चुनावी मानकों पर संवाद को गति दी। उन्होंने सम्मेलन दौरान हुई 40 से अधिक द्विपक्षीय बैठकों का हवाला दिया, जिससे साझा प्राथमिकताओं पर समझ बढ़ी। निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू ने उदारता और सीखने की भावना को वैश्विक चुनावी समुदाय की परिपक्वता का संकेत बताया। विवेक जोशी ने ईसीआईनेट के लॉन्च को भारतीय प्रौद्योगिकी प्रगति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि तकनीक का उद्देश्य विश्वास बढ़ाना है, प्रतिस्थापन नहीं।
सम्मेलन में 1000 प्रतिभागी हुए शामिल (बॉक्स)
सम्मेलन अब तक का सबसे बड़ा आयोजन रहा, जिसमें 27 देशों के राजनयिक और लगभग 1000 प्रतिभागियों ने भाग लिया। विभिन्न थीमेटिक समूहों में आधुनिक चुनावी चुनौतियों, नवाचार और श्रेष्ठ प्रथाओं पर गहन विचार-विमर्श हुआ।

