Noida Drug News: नोएडा। शिक्षा और आईटी हब के तौर पर पहचान रखने वाले नोएडा में नशीले पदार्थों का कारोबार पुलिस के लगातार अभियान के बावजूद थमने का नाम नहीं ले रहा। हाल ही में हुए एक स्टिंग ऑपरेशन में शहर के कई इलाकों — सेक्टर-51, सर्फाबाद, सेक्टर-52 और सेक्टर-4 — में गांजे की खुलेआम बिक्री सामने आई। कुछ जगहों पर तो खरीदारों की कतारें तक देखी गईं, जिसने पुलिस की निगरानी और कार्रवाई की क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्टूडेंट्स और कंपनी वर्करों तक पहुंच रहा नशा
नोएडा को शिक्षा और आईटी सेक्टर का बड़ा केंद्र माना जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक सेक्टर-62, 63 और सेक्टर-20 जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में छात्रों और कंपनी कर्मचारियों तक गांजा व अन्य नशीले पदार्थ पहुंचाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ इलाकों में गांजे के साथ-साथ स्मैक और दूसरे मादक पदार्थ भी बेचे जा रहे हैं। एजुकेशन और इंडस्ट्री एरिया के आसपास इस तरह की गतिविधियां अधिक सक्रिय बताई जा रही हैं।
सेक्टर-51 में कैमरे में कैद हुई खरीद-बिक्री
स्टिंग के दौरान सेक्टर-51 के डी ब्लॉक पार्क के पास एक खाली प्लॉट में एक युवक काली पन्नी लिए खड़ा मिला, जबकि आसपास कई ग्राहक मौजूद थे। सामान्य ग्राहक समझकर एक युवक ने सामान की मांग की, तो 100 और 200 रुपये की पुड़िया उपलब्ध होने की बात सामने आई। नकदी न होने पर दुकानदार ने ऑनलाइन भुगतान के बदले नकद वापस करने की पेशकश भी की — जो पूरी प्रक्रिया कैमरे में रिकॉर्ड हुई। इसी तरह सर्फाबाद, सेक्टर-52 और सेक्टर-4 में भी पुड़िया की बिक्री और खरीद के मामले सामने आए।
पुलिस बोली — कार्रवाई जारी है
एडीसीपी मनीषा सिंह के अनुसार पुलिस नशे की रोकथाम के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है और जहां भी नई सूचना मिलती है, वहां जांच शुरू कर दी जाती है।
हाल के महीनों में पुलिस की बड़ी कार्रवाइयां
स्टिंग के सामने आने के बाद के हफ्तों में गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने नशे के कारोबार पर कई बड़ी कार्रवाइयां की हैं, जो दिखाती हैं कि तस्करी नेटवर्क कितना संगठित और फैला हुआ है:
21 जुलाई 2026: थाना फेस-1 पुलिस और नार्कोटिक्स सेल ने एक चौंकाने वाला मामला पकड़ा, जिसमें तस्कर बिना नंबर प्लेट की एंबुलेंस का इस्तेमाल कर गांजा ढो रहा था और उससे 64 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 13 लाख रुपये आंकी गई। आरोपी आगरा जिले का रहने वाला बताया गया।
31 जुलाई 2026: थाना सेक्टर-113 पुलिस ने FNG सर्विस रोड पर चेकिंग के दौरान एक तस्कर को गिरफ्तार किया, जिसके खिलाफ पहले से चोरी, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट सहित पांच मामले दर्ज थे|
2 अगस्त 2026: सेक्टर-113 पुलिस ने FNG रोड, सेक्टर-122 के पास से एक और आरोपी को 2 किलो गांजे और तस्करी में इस्तेमाल स्कूटी के साथ पकड़ा।
29 जुलाई 2026: ग्रेटर नोएडा के थाना ईकोटेक-3 पुलिस ने न्यू हॉलैंड कंपनी गेट के पास से एक तस्कर को 1.2 किलो गांजे के साथ धर दबोचा।
12 जुलाई 2026: थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने शारदा गोलचक्कर से गुर्जरपुर मार्ग पर घेराबंदी कर एक तस्कर को 1.145 किलो गांजे के साथ पकड़ा।
जुलाई 2026: थाना सेक्टर-39 पुलिस ने सेक्टर-100 इलाके में चेकिंग के दौरान 1.2 किलो गांजे के साथ एक शातिर तस्कर को गिरफ्तार किया, जो पहले भी कई आपराधिक मामलों में जेल जा चुका था।
20 मई और 16 मई 2026: थाना फेस-1 और सेक्टर-58 पुलिस ने क्रमशः सेक्टर-8 और सेक्टर-55 इलाकों में चेकिंग अभियान चलाकर दो अलग-अलग तस्करों को 1.2 किलो से अधिक गांजे के साथ गिरफ्तार किया।
चुनौती अब भी बरकरार
इन गिरफ्तारियों के बावजूद जमीनी हकीकत यह है कि छोटे स्तर की खुदरा बिक्री 100 से 500 रुपये की पुड़िया के रूप में शहर के रिहायशी और आईटी हब वाले इलाकों में जारी है। विशेषज्ञों और स्थानीय निवासियों का मानना है कि बड़े तस्करों की गिरफ्तारी के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर सक्रिय छोटे विक्रेताओं पर लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई ही इस समस्या पर असरदार लगाम लगा सकती है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि सूचना मिलने पर तुरंत जांच शुरू की जाती है, लेकिन स्टिंग में सामने आई तस्वीरें बताती हैं कि जमीनी स्तर पर निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है।

