पुणे से दो प्रोफेसर गिरफ्तार, मास्टरमाइंड केमिस्ट्री लेक्चरर PV कुलकर्णी का बड़ा खुलासा

राष्ट्रीय योग्यता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 के पेपर लीक कांड में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने लगातार कार्रवाई तेज कर दी है। शुक्रवार को पुणे से केमिस्ट्री के रिटायर्ड लेक्चरर पीवी कुलकर्णी को ‘मास्टरमाइंड’ के रूप में गिरफ्तार किया गया, जबकि शनिवार को बॉटनी की सीनियर प्रोफेसर मनीषा गुरुनाथ मांढरे को दिल्ली में हिरासत में लिया गया। दोनों NTA की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में विशेषज्ञ के रूप में शामिल थे और उनके पास प्रश्नपत्रों तक सीधी पहुंच थी।  CBI के अनुसार, कुलकर्णी (लातूर के दयानंद जूनियर कॉलेज से जुड़े) ने अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह में पुणे स्थित अपने आवास पर विशेष कोचिंग क्लासेस आयोजित कीं। इन क्लासेस में मनीषा वाघमारे की मदद से छात्रों को जुटाया गया, जिन्होंने लाखों रुपये चुकाकर हिस्सा लिया। यहां कुलकर्णी ने केमिस्ट्री के प्रश्नों के साथ-साथ विकल्प और सही उत्तरों को डिक्टेट किया। मनीषा मांढरे ने बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्नों को इसी तरह साझा किया। छात्रों द्वारा नोट किए गए अधिकांश प्रश्न 3 मई को हुई परीक्षा के वास्तविक पेपर से मैच करते पाए गए।

पेपर लीक की पुष्टि और परीक्षा रद्द

परीक्षा के बाद एक व्हिसलब्लोअर ने व्हाट्सएप पर वायरल ‘गेस पेपर’ की तुलना की, जिसमें 45 केमिस्ट्री और 90 बायोलॉजी प्रश्न मैच कर गए। NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी। CBI ने 12 मई को ही केस दर्ज किया और पूरे देश में छापेमारी की। अब तक आठ से अधिक आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जिनमें राजस्थान, नासिक, अहमदनगर, जयपुर और गुड़गांव से जुड़े लोग शामिल हैं। CBI ने छह स्थानों पर सर्च कर लैपटॉप, मोबाइल, बैंक स्टेटमेंट और दस्तावेज जब्त किए हैं।

व्यापक नेटवर्क का खुलासा

जांच से पता चला कि आरोपी छात्रों से 2-5 लाख रुपये तक वसूल करते थे, जबकि पेपर खरीदने में 15-30 लाख रुपये का लेन-देन हुआ। CBI की टीमों ने NTA से प्रश्नपत्र सेटिंग में शामिल सभी प्रोफेसर्स और स्टाफ की सूची मांगी है। फोन रिकॉर्ड्स और लिंक्स की जांच जारी है। यह कांड NTA की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है।

छात्रों पर असर और सरकार की प्रतिक्रिया

पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों में आक्रोश है। कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन हुए, कुछ छात्रों ने आत्महत्या तक कर ली। केंद्र सरकार ने छात्रों से आश्वासन दिया है कि 21 जून को बिना अतिरिक्त शुल्क के री-एग्जाम आयोजित किया जाएगा। 2027 से NEET को कंप्यूटर-बेस्ड बनाने की घोषणा भी की गई है ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

विशेषज्ञों की राय

शिक्षाविदों का कहना है कि पेपर लीक अब ‘बग’ नहीं बल्कि ‘फीचर’ बन गया है। NTA पर आउटसोर्सिंग और सुरक्षा प्रोटोकॉल की कमी का आरोप लग रहा है। विपक्षी दलों ने शिक्षा मंत्री पर इस्तीफे की मांग की है, जबकि छात्र संगठन न्याय और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। CBI ने मामले की जांच तेज कर दी है और आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। यह कांड देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता को गंभीर चुनौती दे रहा है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे री-एग्जाम की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करें।

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