Yuvraj Mehta accident: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में 17 जनवरी 2026 को हुए दर्दनाक हादसे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के 16 दिन बाद उनकी बहन लंदन से भारत लौटीं। रविवार देर रात दिल्ली पहुंचीं बहन सोमवार सुबह पिता के साथ घटनास्थल पर पहुंचीं, जहां कार के पानी से भरे बेसमेंट गड्ढे में गिरने की जगह देखकर वह बेहद भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
सूत्रों के अनुसार, बहन ने पिता से हादसे की पूरी परिस्थितियां जानीं। उन्होंने पूछा कि उस रात सुरक्षा के क्या इंतजाम थे, क्यों समय पर बचाव नहीं हो सका और प्रशासन की लापरवाही कहां हुई। बहन ने पिता के विशेष जांच दल (SIT) को दिए बयान की भी जानकारी ली। बताया जा रहा है कि वह जल्द ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर सकती हैं। SIT की रिपोर्ट पर कार्रवाई पूरी होने के बाद ही वह यूके वापस लौटेंगी।
SIT जांच में बड़ा खुलासा
इस बीच, मामले की जांच कर रही तीन सदस्यीय SIT ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। रिपोर्ट में कई अधिकारियों और विभागों की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। सूत्रों के मुताबिक, घटनास्थल पर बैरिकेडिंग न होना, चेतावनी बोर्ड न लगना और बचाव कार्य में देरी को मौत का मुख्य कारण माना गया है। SIT ने करीब 80 अधिकारियों-कर्मचारियों से पूछताछ की। हादसे के बाद नोएडा अथॉरिटी के CEO को पद से हटा दिया गया था, जबकि संबंधित बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई हुई। कुछ आरोपी जमानत पर बाहर हैं, लेकिन जांच जारी है।
हादसे की याद अब भी ताजा
17 जनवरी की रात घने कोहरे में युवराज की कार निर्माणाधीन साइट के पानी से भरे गड्ढे में गिर गई थी। वह कार की छत पर खड़े होकर करीब दो घंटे तक मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन ठंडे पानी में हाइपोथर्मिया और डूबने से उनकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी दम घुटने और ठंड से कार्डियक अरेस्ट की पुष्टि हुई। हादसे के बाद घटनास्थल पर सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं, जैसे स्पीड ब्रेकर और पट्टियां लगाई गई है, लेकिन लोगों का गुस्सा अभी थमा नहीं है।
स्थानीय लोग और दूर-दराज से आने वाले अभी भी घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं। कुछ लोग सेल्फी और तस्वीरें लेते नजर आ रहे हैं, जो हैरानी की बात है। हाल ही में 2 फरवरी को पास के भाटी गोलचक्कर पर कोहरे में एक और कार नाले में गिर गई, लेकिन दोनों युवक बाल-बाल बच गए। इससे साफ है कि क्षेत्र में सुरक्षा इंतजामों की कमी अब भी बरकरार है।
युवराज के परिवार और स्थानीय निवासियों की मांग है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है और न्याय की मांग जोर पकड़ रही है।

