Yes, I hit my wife, but it’s not murder: ऑस्ट्रेलिया कोर्ट में भारतीय मूल के विक्रांत ठाकुर का चौंकाने वाला बयान

Yes, I hit my wife, but it’s not murder: भारतीय मूल के 42 वर्षीय विक्रांत ठाकुर ने ऑस्ट्रेलिया की अदालत में अपनी पत्नी सुप्रिया ठाकुर की मौत की जिम्मेदारी स्वीकार कर ली है, लेकिन मर्डर के आरोप को खारिज करते हुए मैन्सलॉटर (गैर-इरादतन हत्या) का दोष स्वीकार किया। एडिलेड मजिस्ट्रेट कोर्ट में वीडियो लिंक के जरिए पेशी के दौरान विक्रांत ने कहा, “मैं मैन्सलॉटर के लिए दोषी हूं, लेकिन मर्डर के लिए नहीं।” यह मामला पिछले महीने दिसंबर 2025 में हुई सुप्रिया की मौत से जुड़ा है।

घटना की डिटेल्स
21 दिसंबर 2025 को एडिलेड के नॉर्थफील्ड इलाके में पुलिस को घरेलू विवाद की सूचना मिली। शाम करीब 8:30 बजे पहुंची पुलिस ने 36 वर्षीय सुप्रिया ठाकुर को बेहोश पाया। पुलिसकर्मियों ने CPR करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। मौके पर मौजूद विक्रांत ठाकुर को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया और मर्डर का आरोप लगाया गया।
पुलिस के अनुसार, घर में एक अन्य व्यक्ति भी मौजूद था, लेकिन उसे कोई चोट नहीं आई। जांच के तहत दंपति के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और DNA जांच के नतीजों का इंतजार है।

कोर्ट में क्या हुआ?
• विक्रांत की पहली पेशी 22 दिसंबर 2025 को हुई, जहां उन्होंने जमानत की अर्जी नहीं दी।
• दूसरी पेशी जनवरी 2026 में हुई, जहां उनके वकील जेम्स मार्कस की सलाह पर उन्होंने मैन्सलॉटर का गिल्टी प्लेड किया, लेकिन मर्डर का नॉट गिल्टी।
• मामला अब अप्रैल 2026 में फिर कोर्ट में आएगा, उसके बाद साउथ ऑस्ट्रेलिया की सुप्रीम कोर्ट में ट्रायल होगा।
मर्डर और मैन्सलॉटर में मुख्य अंतर इरादे का है। मर्डर में जानबूझकर हत्या साबित करनी होती है, जबकि मैन्सलॉटर में मौत अनजाने में या बिना पूर्व नियोजन के हुई मानी जाती है।

सुप्रिया ठाकुर के बारे में
सुप्रिया एक समर्पित मां थीं और रजिस्टर्ड नर्स बनने की इच्छुक थीं। उनके दोस्तों ने GoFundMe पर उनके बेटे के लिए फंडरेजर शुरू किया है। पेज पर लिखा है, “सुप्रिया की दुखद मौत ने उनके बेटे को मां से वंचित कर दिया। वह लंबे घंटे काम करके बेटे का सुरक्षित भविष्य बनाना चाहती थीं।”

ताजा स्थिति
20 जनवरी 2026 तक मामले में कोई नया बड़ा अपडेट नहीं आया है। जांच जारी है और ट्रायल तक विक्रांत हिरासत में रहेंगे। भारतीय प्रवासी समुदाय और मीडिया में यह मामला व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। मामले की अगली सुनवाई पर नजर रहेगी।

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