घटना की जानकारी 6 नवंबर को सुबह मिली, जब राहगीरों ने सेक्टर-82 कट के पास नाले में तैरता हुआ शव देखा। सूचना पर थाना सेक्टर-39 की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। शव को बाहर निकालते ही पुलिसकर्मी भी सन्न रह गए। महिला का सिर पूरी तरह गायब था, दोनों हाथ कटे हुए थे और शरीर नग्न अवस्था में था। प्रारंभिक जांच में केवल पैरों में बिछुआ मिलने से अनुमान लगाया गया कि वह शादीशुदा थी। उम्र 30-35 वर्ष के आसपास बताई जा रही है। शव दो-तीन दिन पुराना लग रहा है, जो पानी में तैरने के कारण ऊपर आ गया था।
एडीसीपी सुमित कुमार शुक्ला ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए शुरुआती तीन टीमों के अलावा चार और टीमें लगाई गई हैं। कुल सात टीमें दिन-रात लगी हुई हैं। आसपास के जिलों की पुलिस से भी संपर्क किया गया है, जबकि सोशल मीडिया पर महिला की तस्वीरें शेयर कर पहचान की अपील की गई है। घटनास्थल से 3 किलोमीटर के दायरे में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। नाले, झाड़ियां, पार्क और आसपास के इलाकों में सिर और हाथों की तलाश की गई, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। तीन दिनों में वहां से गुजरे 500 से अधिक वाहनों को चिह्नित किया गया है, जिनकी जांच की जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन प्रारंभिक निष्कर्षों से हत्या की पुष्टि हो चुकी है। पुलिस का मानना है कि इतनी क्रूरता से की गई वारदात प्रेमी, पति या किसी करीबी के हाथों ही हो सकती है। कुछ स्थानीय निवासियों ने तो बलि की आशंका भी जताई है, क्योंकि घटना कार्तिक पूर्णिमा के आसपास हुई है। हालांकि, पुलिस ने इसे खारिज करते हुए कहा कि जांच में कोई कोण नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। डीसीपी, एडीसीपी और एसीपी स्तर के अधिकारी खुद फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे।
यह घटना नोएडा के पॉश इलाके सेक्टर-108 के निवासियों में दहशत फैला रखी है। लोगों का कहना है कि पिछले एक दशक में इतनी बेरहमी से कोई हत्या नहीं देखी गई। सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा जोरों पर है, जहां कई यूजर्स ने महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। एक पोस्ट में लिखा गया, “नोएडा जैसे शहर में भी ऐसी घटना? पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।” पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा और मामले का पर्दाफाश होगा।
अभी तक शव की पहचान नहीं हो सकी है, लेकिन जांच तेज जारी है। अगर आपके पास कोई सुराग हो, तो नजदीकी थाने से संपर्क करें। यह मामला नोएडा के अपराध इतिहास में एक काला अध्याय बन चुका है।

