मध्य पूर्व में जंग जैसे हालात: ईरान-इजरायल टकराव में अमेरिका की एंट्री, खाड़ी देशों तक बढ़ी आग

Iran-Israel war:

Iran-Israel war: नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। इजरायल और अमेरिका ने ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई रणनीतिक ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इसके जवाब में ईरान ने भी पलटवार करते हुए इजरायली ठिकानों और खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। हालात ऐसे हैं कि पूरा मध्य पूर्व युद्ध की दहलीज पर खड़ा नजर आ रहा है।

Iran-Israel war:

बुर्ज खलीफा के पास धमाका, खाड़ी देशों में हाई अलर्ट

ईरान के जवाबी हमलों के दौरान एक ‘शाहेद’ ड्रोन दुबई के डाउनटाउन इलाके में गिरने की खबर सामने आई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बुर्ज खलीफा के पास धमाके और धुएं के गुबार देखे गए। संयुक्त अरब अमीरात ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने कई संदिग्ध ड्रोन इंटरसेप्ट किए, जबकि कुछ मलबा आबादी वाले इलाके में गिरा।

खाड़ी देशों—यूएई, कतर और बहरीन—में अमेरिकी सैन्य ठिकानों के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। तेल प्रतिष्ठानों और बंदरगाहों पर भी हाई अलर्ट घोषित किया गया है।

ईरान को हूती और हिजबुल्लाह का समर्थन

ईरान समर्थित गुटों ने भी मोर्चा संभाल लिया है।

  • हिजबुल्लाह ने लेबनान से उत्तरी इजरायल की ओर रॉकेट दागे।
  • हूती आंदोलन ने यमन से मिसाइल और ड्रोन हमलों का दावा किया।

इजरायल ने कहा है कि उसकी ‘आयरन डोम’ और अन्य एयर डिफेंस प्रणालियों ने अधिकांश हमलों को नाकाम कर दिया, लेकिन कुछ रॉकेट आबादी वाले क्षेत्रों के पास गिरे।

भारत की अपील: संयम और कूटनीति

विदेश मंत्रालय भारत ने हालिया घटनाक्रम पर गहरी चिंता जताई है। आधिकारिक बयान में सभी पक्षों से संयम बरतने, आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कूटनीतिक रास्ते अपनाने की अपील की गई है। भारत ने सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान पर भी जोर दिया है।

सरकार ने क्षेत्र में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर स्थानीय दूतावासों से संपर्क में रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने को कहा है।

80 लाख भारतीयों पर असर की आशंका

मध्य पूर्व में लगभग 80 लाख भारतीय काम करते हैं, जिनमें बड़ी संख्या यूएई, सऊदी अरब, कतर, कुवैत और ओमान में है। यदि संघर्ष लंबा खिंचता है तो तेल आपूर्ति, रोजगार और हवाई सेवाओं पर बड़ा असर पड़ सकता है। भारतीय दूतावासों ने हेल्पलाइन नंबर सक्रिय कर दिए हैं।

Iran-Israel war: क्या खामेनेई जिंदा हैं?

अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री ने NBC News को दिए इंटरव्यू में कहा कि देश के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई और राष्ट्रपति सुरक्षित हैं।

हालांकि, इजरायली हमलों में ईरान के शीर्ष सैन्य नेतृत्व को नुकसान पहुंचने के दावे भी सामने आए हैं।

रक्षा मंत्री और गार्ड्स कमांडर की मौत का दावा

Reuters ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि ईरान के रक्षा मंत्री आमिर नसीरजादेह और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कमांडर मोहम्मद पाकपूर हमलों में मारे गए। ईरान ने इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन तेहरान में कई सैन्य ठिकानों पर भारी नुकसान की खबर है।

स्कूल पर हमला, मौतों का आंकड़ा बढ़ा

दक्षिणी ईरान के मिनाब में एक स्कूल पर हमले की खबर है। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक मृतकों की संख्या 24 बताई गई थी, जबकि सरकारी मीडिया के अनुसार लड़कियों के प्राइमरी स्कूल में मरने वालों का आंकड़ा 40 तक पहुंच गया है।

मानवाधिकार संगठनों ने नागरिक ठिकानों पर हमलों की निंदा की है।

ब्रिटेन की एडवाइजरी

Foreign Office ने अपने नागरिकों से घरों के अंदर सुरक्षित स्थान पर रहने, यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा है।

एयर इंडिया और ग्लोबल एयरलाइंस ने रोकी उड़ानें

एअर इंडिया ने मध्य पूर्व के लिए अपनी सभी उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं। कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने भी ईरान, इजरायल, इराक और खाड़ी क्षेत्र के ऊपर से उड़ानें डायवर्ट या रद्द कर दी हैं।

एविएशन ट्रैकिंग एजेंसियों के अनुसार, दर्जनों उड़ानों का रूट बदला गया है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

तेल बाजार और वैश्विक असर

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि संघर्ष लंबा चला तो कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है। खाड़ी क्षेत्र दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा केंद्र है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहले ही अस्थिरता देखी जा रही है और शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई है।

Iran-Israel war:

Holi festival: होली की मस्ती में न पड़े खलल: डॉक्टर से जानें स्किन, सांस और फूड एलर्जी से बचने का सही तरीका

यहां से शेयर करें