Uttar Pradesh Transport Corporation: उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के नोएडा डिपो में बस संचालन में गंभीर लापरवाही सामने आई है। नवंबर 2025 में अलग-अलग दिनों में कुल 16 बसें बिना पूर्व सूचना के डिपो में खड़ी रहीं, जिससे निगम को करीब 2.92 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ। साथ ही यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जांच में पता चला कि कुछ दिन चार बसें और एक अन्य दिन करीब 12 बसें रूट पर नहीं चलाई गईं। ये बसें बुलंदशहर, बदायूं और कोटद्वार जैसे रूटों पर संचालित होनी थीं। चालकों और परिचालकों ने कई मामलों में बिना जानकारी दिए बसें खड़ी रखीं। कुछ ने निजी कारण या घरेलू मजबूरियां बताईं, जबकि कुछ में अनुशासनहीनता पाई गई।
निगम की सख्त कार्रवाई
इस लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए निगम ने 40 से अधिक चालकों और परिचालकों को वसूली नोटिस जारी किए हैं। इनसे नियमानुसार नुकसान की राशि वसूली जा रही है, हालांकि कुछ मामलों में मजबूरियों को देखते हुए आंशिक वसूली की गई है। इसके अलावा छोटी-मोटी अनियमितताओं के लिए
30 से ज्यादा संविदा परिचालकों पर 200 से 1000 रुपये तक का जुर्माना लगाया गया है।
नोएडा डिपो के एआरएम रोहताश कुमार ने कहा,
“बसों के संचालन में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन कर्मचारियों की वजह से बसें खड़ी रहीं, उनसे नियमानुसार वसूली की जा रही है। भविष्य में बिना सूचना के बसें खड़ी पाई गईं तो और सख्त कार्रवाई होगी।”
निगम ने डिपो स्तर पर निगरानी बढ़ाने का फैसला किया है ताकि बसें समय पर रूट पर रवाना हों और यात्रियों को असुविधा न हो। यह कार्रवाई बस संचालन में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

