US SEC receives blow from India: अदानी को समन्स सर्व करने से लॉ मिनिस्ट्री का दो बार इनकार, अब ईमेल से नोटिस भेजने की कोर्ट से मांग

US SEC receives blow from India: अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने भारतीय अरबपति गौतम अदानी और उनके भतीजे सागर अदानी को समन्स सर्व करने में भारत सरकार से सहयोग न मिलने के बाद न्यूयॉर्क की एक संघीय अदालत से वैकल्पिक तरीके की अनुमति मांगी है। कोर्ट फाइलिंग्स के अनुसार, भारत के विधि एवं न्याय मंत्रालय ने 2025 में दो बार SEC के अनुरोध को तकनीकी और कानूनी आधार पर ठुकरा दिया था।

क्या हैं मंत्रालय के इनकार के कारण?
कोर्ट दस्तावेजों से पता चलता है कि मंत्रालय ने पहली बार मई 2025 में समन्स सर्व करने से इनकार किया क्योंकि SEC के कवर लेटर पर इंक सिग्नेचर और आधिकारिक सील की कमी थी। दिसंबर 2025 में दूसरी बार इनकार करते हुए मंत्रालय ने अमेरिकी कानून का हवाला दिया। मंत्रालय का कहना था कि SEC के अनौपचारिक प्रक्रिया नियमों (17 C.F.R. § 202.5(b)) के तहत “समन्स” जारी करना सूचीबद्ध कार्रवाइयों में शामिल नहीं है।

SEC ने इन आधारों को खारिज करते हुए कहा कि हेग कन्वेंशन (Hague Convention) के तहत ऐसे फॉर्मेलिटी की जरूरत नहीं है और मंत्रालय का दूसरा आपत्ति पूरी तरह गलत है। हेग कन्वेंशन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिविल और कमर्शियल मामलों में दस्तावेज सर्व करने की प्रक्रिया निर्धारित करता है।

SEC की नई मांग
14 महीने से अधिक समय बीत जाने और मंत्रालय से कोई सहयोग न मिलने के बाद SEC ने 21 जनवरी 2026 को कोर्ट से अनुरोध किया कि वह अदानी दंपति को उनके अमेरिकी वकीलों के माध्यम से तथा उनके बिजनेस ईमेल पते पर सीधे समन्स भेजने की अनुमति दे। SEC का कहना है कि दोनों आरोपी पहले से ही मुकदमे की जानकारी रखते हैं—उन्होंने अमेरिकी वकील नियुक्त किए हैं और सार्वजनिक बयान भी दिए हैं।

पृष्ठभूमि: SEC का मामला
नवंबर 2024 में SEC ने गौतम अदानी, सागर अदानी और कुछ अन्य पर सिविल मुकदमा दायर किया था। आरोप है कि अदानी ग्रीन एनर्जी की सितंबर 2021 की बॉन्ड इश्यू के दौरान निवेशकों से रिश्वतखोरी की जानकारी छिपाई गई। यह मामला अमेरिकी न्याय विभाग के आपराधिक आरोपों (265 मिलियन डॉलर की रिश्वतखोरी) से अलग है, लेकिन दोनों जुड़े हुए हैं। अदानी ग्रुप ने सभी आरोपों को “बेबुनियाद” करार दिया है।
अदानी ग्रीन एनर्जी ने हाल में स्टॉक एक्सचेंज को दी सूचना में कहा, “कंपनी इस मुकदमे में पक्षकार नहीं है और न ही इसके खिलाफ कोई रिश्वतखोरी या भ्रष्टाचार का आरोप है। यह पूरी तरह सिविल प्रकृति का मामला है।”

मार्केट पर असर
इस खबर के सामने आने के बाद 23-24 जनवरी 2026 को अदानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। समूह की कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 1 लाख करोड़ रुपये (लगभग 12.5 बिलियन डॉलर) घट गया। अदानी एंटरप्राइजेस में 10% से अधिक, अदानी पोर्ट्स और अदानी ग्रीन में 7-14% तक की गिरावट देखी गई।

यह मामला अब अमेरिकी कोर्ट में आगे बढ़ने की राह पर है। अदानी ग्रुप ने कहा है कि वह सभी कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करेगा। मामले की अगली सुनवाई पर नजर रहेगी।

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