US jury fines Meta and Google: कैलिफोर्निया की एक जूरी ने Meta और Google को एक युवती की अवसाद (depression) और चिंता (anxiety) के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कुल 60 लाख डॉलर का हर्जाना देने का आदेश दिया है।
मामला क्या है?
यह मुकदमा कैलिफोर्निया की एक 20 वर्षीय युवती “केली” (Kaley) और उनकी माँ ने दायर किया था। आरोप था कि Meta और YouTube ने जानबूझकर अपने प्लेटफॉर्म को नशे की तरह लत लगाने वाला बनाया, जिससे केली को बचपन से ही मानसिक नुकसान पहुँचा। केली ने गवाही में बताया कि उन्होंने मात्र 6 साल की उम्र से YouTube का इस्तेमाल शुरू कर दिया था। मुकदमे में आरोप लगाया गया कि ऑटो-स्क्रॉलिंग जैसी सुविधाओं ने उन्हें इन प्लेटफॉर्म्स का आदी बना दिया, जिससे चिंता, अवसाद और शरीर की छवि से जुड़ी समस्याएँ उत्पन्न हुईं।
जूरी का फैसला
जूरी ने आठ दिनों से अधिक विचार-विमर्श के बाद, सात हफ्ते के लंबे मुकदमे के बाद यह फैसला सुनाया। जूरी ने हर्जाने में Meta पर 70% और YouTube पर 30% की जिम्मेदारी तय की। कुल हर्जाने का विवरण इस प्रकार है — 30 लाख डॉलर क्षतिपूर्ति (compensatory damages) और 30 लाख डॉलर दंडात्मक (punitive damages) हर्जाना। Meta को कुल 42 लाख डॉलर और YouTube को 18 लाख डॉलर का भुगतान करना होगा।
ऐतिहासिक महत्व
यह पहली बार है जब किसी जूरी ने माना कि सोशल मीडिया ऐप्स को एक “दोषपूर्ण उत्पाद” माना जाएगा, क्योंकि वे जानबूझकर बच्चों और किशोरों के विकासशील दिमाग का शोषण करने के लिए बनाई गई हैं। इस मुकदमे की तुलना 1990 के दशक के Big Tobacco (तंबाकू कंपनियों के खिलाफ मुकदमे) से की जा रही है। इस फैसले का असर Meta और Google के खिलाफ पहले से दर्ज हजारों अन्य मुकदमों पर भी पड़ सकता है।
कंपनियों का आंतरिक दस्तावेज़ और Zuckerberg की गवाही
जूरी को Meta के आंतरिक दस्तावेज़ दिखाए गए, जिनमें CEO मार्क ज़करबर्ग और अन्य अधिकारियों ने बच्चों और किशोरों को प्लेटफॉर्म पर आकर्षित करने की रणनीतियाँ वर्णित की थीं। एक दस्तावेज़ में लिखा था कि 11 साल के बच्चे प्रतिस्पर्धी ऐप्स की तुलना में Instagram पर चार गुना अधिक वापस लौटते हैं, जबकि Instagram की न्यूनतम उम्र सीमा 13 साल है।
कंपनियों की प्रतिक्रिया
Meta के प्रवक्ता ने कहा, “हम इस फैसले से सहमत नहीं हैं और अपील की तैयारी कर रहे हैं।” Google ने कहा कि “YouTube एक जिम्मेदारी से बना स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म है, सोशल मीडिया साइट नहीं।”
आगे क्या?
यह फैसला उन परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बन गया है, जो वर्षों से सोशल मीडिया पर बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े कानूनों की माँग कर रहे हैं। कई अभिभावकों को उम्मीद है कि यह फैसला अमेरिकी कांग्रेस को ऑनलाइन सुरक्षा पर व्यापक कानून बनाने के लिए प्रेरित करेगा।

