UPSC fraud in Bihar: 440 रैंक का झूठा दावा कर विधायक-थानेदार से सम्मानित हुआ रंजीत कुमार, पोल खुली तो फरार; पुलिस तलाश में जुटी

UPSC fraud in Bihar: बिहार में फिर से यूपीएससी फर्जीवाड़े का एक बड़ा मामला सामने आया है। शेखपुरा जिले के फतेहपुर गांव निवासी रंजीत कुमार (पिता अर्जुन यादव) ने खुद को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 440वीं रैंक हासिल करने वाला बताया। इस दावे के आधार पर गांव में उनका जोरदार स्वागत हुआ, कई कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां पूर्व राजद विधायक विजय सम्राट, स्थानीय मुखिया सरफराज आलम, महुली थाना अध्यक्ष रामप्रवेश भारती और अन्य लोगों ने उन्हें सम्मानित किया। नगद इनाम, वीआईपी ब्रीफकेस और फूल-मालाओं से स्वागत हुआ, सोशल मीडिया पर फोटो-वीडियो वायरल हुए।

लेकिन जांच में सच्चाई सामने आई UPSC की आधिकारिक मेरिट लिस्ट में 440वीं रैंक कर्नाटक के रंजीथ कुमार आर (चिक्कबल्लापुर) की है, न कि शेखपुरा के रंजीत कुमार की। नाम में सिर्फ ‘त’ और ‘थ’ का अंतर था, जिसका फायदा उठाकर रंजीत ने दूसरे राज्य के अभ्यर्थी का रिजल्ट अपना बताकर लोगों को गुमराह किया। फर्जीवाड़ा खुलते ही रंजीत घर छोड़कर फरार हो गया—कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि वह दिल्ली भाग गया है। पुलिस अब उसकी तलाश कर रही है, और महुली थाने में जांच चल रही है।

यह मामला हाल ही में ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती आकांक्षा सिंह के फर्जी UPSC रैंक दावे के बाद आया है, जिससे बिहार में ऐसे फर्जी टॉपर क्लेम्स की लहर चल पड़ी है। सोशल मीडिया पर लोग मजाक उड़ा रहे हैं कि “नेता बनने का रास्ता तैयार है” या “भविष्य उज्ज्वल लग रहा है”। पूर्व विधायक विजय सम्राट ने अपना बधाई पोस्ट फेसबुक से डिलीट कर दिया। यह घटना सवाल उठाती है कि कैसे बिना सत्यापन के लोग सम्मानित हो जाते हैं, और फर्जी दावों से समाज में गलत संदेश जाता है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

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