UPSC CSE 2025 performance of Indian states: केरल की एथिरा सुगाथन ने व्हीलचेयर और अम्नेशिया के बावजूद हासिल की एआईआर 483, राज्य ने किया शानदार प्रदर्शन

UPSC CSE 2025 performance of Indian states: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2025 का अंतिम परिणाम 6 मार्च 2026 को घोषित कर दिया। कुल 958 उम्मीदवारों को विभिन्न सेवाओं (IAS, IPS, IFS आदि) के लिए अनुशंसित किया गया है। टॉपर की बात करें तो राजस्थान के अनुज अग्निहोत्री ने एआईआर 1 हासिल किया, जबकि तमिलनाडु की राजेश्वरी सुवे एम एआईआर 2 और हरियाणा के अकांश धुल्ल ने एआईआर 3 पाया। परिणामों में महिलाओं का अच्छा प्रदर्शन रहा और सामान्य, OBC, EWS, SC/ST श्रेणियों में संतुलित चयन हुआ।

राज्यों के प्रदर्शन का हाल
केरल इस बार सबसे चमका। राज्य से सबसे ऊंची रैंक आर. श्रुति (एआईआर 18) ने हासिल की। इसके अलावा जेएस श्रीजा (57), एच. आदित्य नारायणन (68), अजय राज (109, दृष्टिबाधित), विनीत लोहिताक्षन (129), वीसी श्रीलक्ष्मी (133) और कई अन्य ने टॉप 500 में जगह बनाई। कुल मिलाकर केरल से 10+ उम्मीदवार टॉप 200 और लगभग 30 टॉप 500 में शामिल हैं।राजस्थान ने टॉपर दिया (अनुज अग्निहोत्री) और पारंपरिक रूप से अच्छा प्रदर्शन जारी रखा। उत्तर प्रदेश और बिहार की पारंपरिक ताकत बरकरार रही, जबकि कर्नाटक (22 चयनित), आंध्र-तेलंगाना और तमिलनाडु ने भी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। दिल्ली, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से भी कई सफल उम्मीदवार सामने आए। कुल चयनितों में क्षेत्रीय संतुलन साफ दिखा, जिसमें दक्षिण भारतीय राज्यों (खासकर केरल) का योगदान उल्लेखनीय रहा।

केरल की प्रेरणादायी कहानी: एथिरा सुगाथन (एआईआर 483)
कोझीकोड (केरल) की 30 वर्षीय डॉ. एथिरा सुगाथन ने इस परीक्षा में न सिर्फ रैंक हासिल की, बल्कि इच्छाशक्ति का अनुपम उदाहरण पेश किया। 2016 में बैंगलोर में बीडीएस की पढ़ाई के दौरान सड़क दुर्घटना में वे व्हीलचेयर पर आ गईं और दो साल तक स्मृति हानि (अम्नेशिया) का शिकार रहीं। उन्होंने बीडीएस की पढ़ाई तक भूल गई थी! आयुर्वेदिक उपचार, परिवार के अथक सहयोग (खासकर छोटी बहन अनाघा, जिन्होंने अपनी पढ़ाई छोड़ दी) और दृढ़ इच्छाशक्ति से उन्होंने बीडीएस पूरा किया।

कोविड काल में विकलांगों के लिए काम करने वाले एनजीओ में वॉलंटियरिंग के दौरान उन्हें सिविल सेवा का सपना सूझा। उन्होंने तिरुवनंतपुरम स्थित एब्सोल्यूट आईएएस अकादमी के ‘बटरफ्लाई प्रोग्राम’ (विकलांग छात्रों के लिए विशेष) में दाखिला लिया, मलयालम को वैकल्पिक विषय चुना और चौथे प्रयास में सफलता हासिल कर ली। एथिरा ने कहा, “दो साल तक मैंने अपनी बीडीएस की पढ़ाई तक भूल रखी थी। लेकिन संकट ने मेरे अंदर बहादुरी जगा दी। मैंने फैसला किया कि व्हीलचेयर मेरे बड़े सपनों की राह नहीं रोक सकती।” उन्होंने आगे कहा, “मैं आईएएस बनना चाहती हूं। अगर नहीं हुआ तो एक और प्रयास करूंगी।” उनके माता-पिता (एलआईसी एजेंट) और बहन अनाघा का सहयोग निर्णायक रहा। इंटरव्यू में जब उनसे सबसे अच्छा दोस्त कौन है, पूछा गया तो उन्होंने बहन का नाम लिया।

एथिरा की यह उपलब्धि न सिर्फ केरल बल्कि पूरे देश के विकलांग और संघर्षरत युवाओं के लिए प्रेरणा है। UPSC CSE 2025 के परिणामों में ऐसे कई कहानियां सामने आईं, जो साबित करती हैं कि मेहनत और समर्थन से कोई भी बाधा पार की जा सकती है।UPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर पूरी मेरिट लिस्ट उपलब्ध है। सफल उम्मीदवार अब ट्रेनिंग के लिए तैयार हो रहे हैं। केरल के इन युवाओं ने साबित कर दिया कि छोटे राज्य भी बड़े सपनों को हकीकत में बदल सकते हैं!

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