UP Draft Voter List 2026 Released: निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी। पहले 15.44 करोड़ मतदाताओं वाली सूची से 2.89 करोड़ नाम हटाए गए हैं, जिससे अब ड्राफ्ट लिस्ट में कुल 12.55 करोड़ मतदाता रह गए हैं। यह करीब 18.70 प्रतिशत की कटौती है।
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि नाम हटाने के मुख्य कारण मृत्यु, निवास स्थान बदलना, डुप्लीकेट एंट्री और अन्य जगह पंजीकरण हैं। कुछ रिपोर्ट्स में मृतकों की संख्या 46 लाख बताई गई है। सबसे ज्यादा नाम बड़े शहरी केंद्रों जैसे लखनऊ, गाजियाबाद, प्रयागराज और कानपुर से हटाए गए हैं।
दावे-आपत्तियां दर्ज करने की प्रक्रिया
CEO रिनवा ने स्पष्ट किया कि किसी भी मतदाता का नाम बिना नोटिस जारी किए नहीं हटाया जाएगा। यह ड्राफ्ट सूची अंतिम नहीं है। मतदाता 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं:
• फॉर्म 6 → नए पंजीकरण या नाम शामिल करने के लिए
• फॉर्म 7 → नाम हटाने की आपत्ति के लिए
• फॉर्म 8 → सुधार के लिए
ये फॉर्म ऑनलाइन (voters.eci.gov.in) या ऑफलाइन जमा किए जा सकते हैं। सभी दावों का निपटारा 27 फरवरी तक होगा और अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च 2026 को जारी की जाएगी।
नाम कैसे चेक करें?
मतदाता अपना नाम निम्न तरीकों से चेक कर सकते हैं:
1. आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in पर जाएं → “Special Intensive Revision (SIR) – 2026” सेक्शन में EPIC नंबर, नाम, जिला या विधानसभा क्षेत्र डालकर सर्च करें।
2. उत्तर प्रदेश CEO की वेबसाइट ceo.uttarpradesh.nic.in से जिला और विधानसभा वार PDF डाउनलोड करें।
3. निकटतम पोलिंग बूथ या BLO से संपर्क करें।
CEO रिनवा ने स्पष्ट किया कि किसी भी मतदाता का नाम बिना नोटिस जारी किए नहीं हटाया जाएगा। यह ड्राफ्ट सूची अंतिम नहीं है। मतदाता 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं:
• फॉर्म 6 → नए पंजीकरण या नाम शामिल करने के लिए
• फॉर्म 7 → नाम हटाने की आपत्ति के लिए
• फॉर्म 8 → सुधार के लिए
ये फॉर्म ऑनलाइन (voters.eci.gov.in) या ऑफलाइन जमा किए जा सकते हैं। सभी दावों का निपटारा 27 फरवरी तक होगा और अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च 2026 को जारी की जाएगी।
नाम कैसे चेक करें?
मतदाता अपना नाम निम्न तरीकों से चेक कर सकते हैं:
1. आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in पर जाएं → “Special Intensive Revision (SIR) – 2026” सेक्शन में EPIC नंबर, नाम, जिला या विधानसभा क्षेत्र डालकर सर्च करें।
2. उत्तर प्रदेश CEO की वेबसाइट ceo.uttarpradesh.nic.in से जिला और विधानसभा वार PDF डाउनलोड करें।
3. निकटतम पोलिंग बूथ या BLO से संपर्क करें।
राजनीतिक विवाद
इस बड़े पैमाने पर नाम हटाने से राजनीतिक बवाल मचा हुआ है। विपक्षी दल, खासकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस, SIR प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि यह सत्तारूढ़ भाजपा के पक्ष में है। कांग्रेस ने हर जिले में वरिष्ठ नेताओं की कमेटी बनाई है जो हटाए गए नामों की फिजिकल वेरिफिकेशन करेगी। भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे “घुसपैठियों” को बचाने की कोशिश बताया है।
निर्वाचन आयोग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे बिना देरी किए अपनी स्थिति जांच लें ताकि मताधिकार से वंचित न हों। यह प्रक्रिया मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन बनाने का हिस्सा है।
इस बड़े पैमाने पर नाम हटाने से राजनीतिक बवाल मचा हुआ है। विपक्षी दल, खासकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस, SIR प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि यह सत्तारूढ़ भाजपा के पक्ष में है। कांग्रेस ने हर जिले में वरिष्ठ नेताओं की कमेटी बनाई है जो हटाए गए नामों की फिजिकल वेरिफिकेशन करेगी। भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे “घुसपैठियों” को बचाने की कोशिश बताया है।
निर्वाचन आयोग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे बिना देरी किए अपनी स्थिति जांच लें ताकि मताधिकार से वंचित न हों। यह प्रक्रिया मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन बनाने का हिस्सा है।

