ग्रीनलैंड पर ट्रंप का नया हमला
ट्रंप ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया कि नाटो पिछले 20 साल से डेनमार्क से ग्रीनलैंड के आसपास रूसी खतरे को दूर करने की अपील कर रहा है, लेकिन डेनमार्क कुछ नहीं कर सका। उन्होंने लिखा, “अब समय आ गया है और यह होकर रहेगा।” ट्रंप बार-बार जोर दे रहे हैं कि ग्रीनलैंड की संप्रभुता डेनमार्क के पास रहने से काम नहीं चलेगा—अमेरिका को इसका पूर्ण स्वामित्व चाहिए।
इस दबाव के तहत ट्रंप ने डेनमार्क, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड्स, नॉर्वे, स्वीडन और फिनलैंड सहित कई यूरोपीय देशों पर 1 फरवरी से 10% टैरिफ लगा दिया है। चेतावनी दी है कि अगर जून तक ग्रीनलैंड पर समझौता नहीं हुआ तो यह बढ़कर 25% हो जाएगा। यूरोपीय संघ ने इसे “खतरनाक डाउनवर्ड स्पाइरल” करार दिया है और पहली बार अपने सबसे मजबूत हथियार—एंटी-कोर्सन इंस्ट्रूमेंट (ट्रेड बाजूका)—का इस्तेमाल करने पर विचार कर रहा है।
यूरोप की सैन्य प्रतिक्रिया: महज प्रतीकात्मक
ट्रंप की धमकियों के जवाब में यूरोप ने ग्रीनलैंड की रक्षा के लिए सैन्य कदम उठाया है, लेकिन यह बेहद सीमित है। ऑपरेशन आर्कटिक एंड्योरेंस के तहत कई देशों ने टुकड़ियां भेजी हैं:
• फ्रांस: 15 सैनिक
• जर्मनी: 13 सैनिक
• नॉर्वे और फिनलैंड: 2-2 सैनिक
• ब्रिटेन और नीदरलैंड्स: 1-1 सैनिक
• स्वीडन: कुछ सैनिक (संख्या अनिर्दिष्ट)
कुल मिलाकर डेनमार्क की मौजूदा सेना को छोड़कर करीब 37 अतिरिक्त सैनिक ही पहुंचे हैं। पोलैंड, इटली और तुर्की जैसे बड़े नाटो सदस्यों ने हिस्सा लेने से इनकार कर दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह तैनाती यूरोप की सैन्य कमजोरी को उजागर करती है—अमेरिका के बिना बड़े पैमाने पर आक्रमण का मुकाबला करना मुश्किल है। डेनमार्क के आर्कटिक कमांडर ने हालांकि नाटो सहयोगी के बीच सशस्त्र टकराव को “काल्पनिक” बताया।
नोबेल मेडल विवाद
इसी बीच वेनेजुएला संकट ने नया मोड़ लिया है। 3 जनवरी को अमेरिकी सेना ने पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किया, जिसके बाद अंतरिम सरकार बनी। 2025 नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो ने पिछले हफ्ते व्हाइट हाउस में ट्रंप को अपना स्वर्ण पदक भेंट कर दिया। ट्रंप ने इसे स्वीकार कर लिया और सार्वजनिक रूप से धन्यवाद भी कहा।
इस कदम की नॉर्वे में तीखी आलोचना हुई, जहां नेता इसे “अजीब और शर्मनाक” बता रहे हैं। नोबेल फाउंडेशन ने स्पष्ट किया कि पुरस्कार वापस या हस्तांतरित नहीं किया जा सकता—यह हमेशा मचाडो का ही रहेगा। फाउंडेशन ने कहा कि विजेता को पदक, डिप्लोमा या पुरस्कार राशि के साथ कोई भी करने की छूट है, लेकिन पुरस्कार का दर्जा नहीं बदलता।
बढ़ता संकट
ट्रंप की आक्रामक नीतियां—ग्रीनलैंड पर कब्जे की धमकी, व्यापार युद्ध और वेनेजुएला में सैन्य हस्तक्षेप—वैश्विक स्तर पर विवाद पैदा कर रही हैं। यूरोप एकजुट दिखने की कोशिश कर रहा है, लेकिन उसकी सैन्य और आर्थिक प्रतिक्रिया सीमित लग रही है। आने वाले दिनों में यूरोपीय संघ की इमरजेंसी मीटिंग और संभावित जवाबी कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।

