तीन शातिर महिला चोर गिरफ्तार

पुलिस ने 72 घंटे में सुलझाया ज्वैलरी चोरी का मामला
New Delhi news  उत्तर जिला के थाना कोतवाली पुलिस ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए सोने-हीरे की ज्वैलरी चोरी के एक मामले को महज 72 घंटे के भीतर सुलझा लिया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय खुफिया तंत्र की मदद से तीन शातिर महिला चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की पूरी ज्वैलरी बरामद कर ली है।
उत्तर जिला पुलिस के अपर उपायुक्त सुमित कुमार झा के अनुसार 28 जनवरी को योजना विहार निवासी और दिल्ली हाईकोर्ट में अधिवक्ता सुश्री एस. गर्गा ने आॅनलाइन माध्यम से ई-एफआईआर दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि वह किन्नरी बाजार, चांदनी चौक में अपने सोने-हीरे के हार और सोने की बालियों की मरम्मत कराने गई थीं। मरम्मत के बाद बाजार से निकलते समय उनके बैग से किसी अज्ञात व्यक्ति ने हार और एक जोड़ी सोने की बालियां चोरी कर लीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर ज्ञान प्रकाश (लॉ एंड आॅर्डर) के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें पीएसआई प्रीति, एएसआई किशनबीर, हेड कांस्टेबल प्रदीप, कांस्टेबल पुरण, कांस्टेबल अमित, महिला कांस्टेबल नीलम और महिला कांस्टेबल सबा परवीन शामिल थीं। टीम ने एसएचओ इंस्पेक्टर सुमन कुमार के पर्यवेक्षण और एसीपी शंकर बनर्जी के मार्गदर्शन में जांच शुरू की।

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जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें दो संदिग्ध महिलाएं शिकायतकर्ता के बैग से ज्वैलरी निकालते हुए दिखाई दीं। इसके बाद संभावित रास्तों पर लगे सैकड़ों कैमरों की जांच की गई, जिनमें महिलाएं आॅटो-रिक्शा से जाती नजर आईं। साथ ही स्थानीय मुखबिरों को सक्रिय किया गया। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को सूचना मिली कि संदिग्ध महिलाएं मयूर विहार के चिल्ला गांव क्षेत्र में किराए पर रह रही हैं। पुलिस ने छापेमारी कर प्रीति और अनमोल् निवासी जिला राजगढ़, मध्य प्रदेश को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान अनमोल के पास से चोरी किए गए हार के 28 हीरे के टुकड़े बरामद हुए। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपने साथियों का नाम सन्नो बताया, जो पास ही किराए के कमरे में रह रही थी। पुलिस ने सन्नो को भी गिरफ्तार कर उसके कमरे से हार का शेष हिस्सा और एक जोड़ी सोने की बालियां बरामद कर लीं। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे सभी मध्य प्रदेश के एक ही गांव की रहने वाली हैं और पिछले 10-12 वर्षों से भीड़भाड़ वाले बाजारों में चोरी और जेबकतरी की वारदातों को अंजाम दे रही थीं।

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