The problem of incorrect electricity bills continues in Ghaziabad: हर महीने 2000 से अधिक शिकायतें, स्मार्ट मीटर और रीडिंग गड़बड़ी मुख्य वजह

The problem of incorrect electricity bills continues in Ghaziabad: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में बिजली उपभोक्ताओं को गलत बिल आने की समस्या थमने का नाम नहीं ले रही है। हर महीने 2000 से अधिक उपभोक्ताओं को गलत रीडिंग, अतिरिक्त लोड या पेनल्टी के कारण फुला हुआ बिल थमाया जा रहा है। पिछले एक साल में 20 हजार से ज्यादा ऐसे मामले सामने आए हैं, जबकि बीते चार महीनों में ही 9 हजार से अधिक बिल ठीक कराने पड़े। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) ने शिकायतों पर बिल रिवाइज करने का दावा किया है, लेकिन उपभोक्ता कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

शहर के प्रताप विहार, नवयुग मार्केट, भाटिया मोड़, सिद्धार्थ विहार, कवि नगर, शास्त्री नगर सहित कई इलाकों में यह समस्या आम है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल अचानक कई गुना बढ़ जाने की शिकायतें बढ़ी हैं। उदाहरण के तौर पर, भाटिया मोड़ के अरुण कुमार को 25 किलोवाट लोड पर लगातार 5 हजार रुपये से अधिक पेनल्टी लग रही है, जबकि एक कमर्शियल मीटर बंद होने के बावजूद बिल दोगुना आ गया। इसी तरह, सिद्धार्थ विहार के सचिन कुमार का 2 किलोवाट मीटर का बिल स्मार्ट मीटर लगने के बाद 80 हजार रुपये तक पहुंच गया।

विभाग की नई पहल और राहत योजनाएं
पीवीवीएनएल ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए जेवर और ददरी में नए बिलिंग कार्यालय खोलने की योजना बनाई है, ताकि बिल सुधार में लगने वाले 7 दिन के समय को कम किया जा सके। एकमुश्त समाधान (ओटीएस) योजना के तहत जनवरी तक 26 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली हुई और साढ़े 22 हजार उपभोक्ताओं को राहत मिली। यूपीपीसीएल ने राज्यभर में 11 लाख से अधिक खराब स्मार्ट मीटर बदलने की योजना भी शुरू की है, जिस पर 682 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

पीवीवीएनएल के अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार ने कहा, “कुछ उपभोक्ताओं से गलत बिल की शिकायतें आई हैं। हम उन्हें रिवाइज कर रहे हैं। वर्टिकल सिस्टम और मीटर रीडरों की गलतियों को ठीक करने के प्रयास जारी हैं। उपभोक्ता ऑनलाइन पोर्टल या हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।”

उपभोक्ताओं में रोष
उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि मीटर रीडरों की लापरवाही और स्मार्ट मीटर की तकनीकी खामियां मुख्य वजह हैं। कई मामलों में शिकायत के बाद भी समाधान में देरी हो रही है। ट्रांस-हिंडन क्षेत्र में हर महीने हजारों शिकायतें दर्ज हो रही हैं। उपभोक्ता एमडी कार्यालय तक पहुंच रहे हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा।

विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि बिल में गड़बड़ी दिखने पर तुरंत uppcl.org पर बिल करेक्शन रिक्वेस्ट दर्ज करें। विशेष मेगा कैंप भी आयोजित किए जा रहे हैं। फिर भी, गाजियाबाद में यह समस्या उपभोक्ताओं के लिए सिरद10 जनवरी 2026 तक यह समस्या बनी हुई है और विभाग की नई पहलों से कितनी राहत मिलेगी, यह देखने वाली बात होगी।

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