सड़क परिवहन मंत्रालय ने ई-चालान नियमों में किया बड़ा बदलाव

 

New Delhi news अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो ट्रैफिक चालान का मैसेज देखकर उसे अनदेखा कर देते हैं, तो सावधान हो जाइए। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने ई-चालान भरने और आपत्ति दर्ज करने के नियमों में अहम बदलाव किया है। सरकार का यह कदम इसलिए है क्योंकि देश में केवल 38% लोग ही ई-चालान का भुगतान कर रहे थे। नए नियमों के अनुसार चालान को अनदेखा करना अब आपकी जेब और वाहन के पेपर्स दोनों के लिए गंभीर परिणाम ला सकता है।

यदि आपके वाहन पर चालान हुआ है, तो आपके पास दो विकल्प हैं। पहला, आप ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से चालान राशि का भुगतान कर सकते हैं। दूसरा, यदि आप चालान के खिलाफ आपत्ति दर्ज करना चाहते हैं, तो 45 दिनों के भीतर परिवहन पोर्टल पर जाकर दस्तावेजी सबूतों के साथ आपत्ति दर्ज करनी होगी। 45 दिन बीत जाने पर चालान स्वतः स्वीकार माना जाएगा और अगले 30 दिनों यानी कुल 75 दिन में जुर्माना भरना अनिवार्य होगा।

पुराने और नए नियम में अंतर

पहले चालान 90 दिन तक न भरने पर मामला वर्चुअल कोर्ट में जाता था, लेकिन इस दौरान वाहन या लाइसेंस के पेपर्स पर कोई रोक नहीं लगती थी। इसका फायदा उठाकर लोग चालान अनदेखा कर देते थे। अब, चालान ना भरने पर सीधे कार्रवाई हो सकती है और वाहन या लाइसेंस ट्रांजेक्शन पर रोक लग सकती है।

आपत्ति और अधिकारी का फैसला

पोर्टल पर आपत्ति दर्ज करने के बाद नामित अधिकारी 30 दिन में आपकी सुनवाई करेगा। अगर सबूत सही पाए जाते हैं, तो चालान रद्द कर दिया जाएगा। आपत्ति खारिज होने पर कारण लिखित में बताए जाएंगे।

न जुर्माना भरने पर सख्त कार्रवाई

यदि जुर्माना नहीं भरा गया, तो वाहन या लाइसेंस को पोर्टल पर ‘लेनदेन योग्य नहीं’ फ्लैग कर दिया जाएगा। इसका मतलब है कि आरसी ट्रांसफर, लाइसेंस रिन्यूअल और पॉल्यूशन सर्टिफिकेट नहीं बनेंगे।

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