सायरन बजते ही शहर में छाया अंधेरा,युद्ध जोन में बदला शहर, नेताजी जयंती पर सात मिनट का रहा ब्लैकआउट

Ghaziabad news  उत्तर प्रदेश दिवस और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर शुक्रवार ो पूरे प्रदेश के 75 जिलों में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य आतंक या युद्ध जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों और प्रशासन की तैयारियों का आकलन करना था। जिले में में भी सिविल डिफेंस के नेतृत्व में व्यापक मॉक ड्रिल की गई। शुक्रवार शाम 6:30 बजे सायरन बजते ही ब्लैकआउट शुरू हुआ, जो लगभग 10 मिनट तक चला। इस दौरान प्रतिभागियों को खतरे की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों और बचाव उपायों की जानकारी दी गई।
ब्लैकआउट के पहले दो मिनट में ऊंची-नीची आवाज में सायरन बजाया गया, जो खतरे का संकेत था। इसके बाद दो मिनट तक समान आवाज में सायरन बजाकर स्थिति सामान्य होने का संकेत दिया गया। तत्पश्चात सभी बचाव और राहत दल अपने-अपने कार्यों में सक्रिय हो गए।
मॉक ड्रिल गाजियाबाद की लैंडक्राफ्ट गोल्फ फिल्म सोसायटी में जिला प्रशासन की उपस्थिति मों की गई। मॉक ड्रिल में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और सिविल डिफेंस की टीमों ने संयुक्त रूप से अभ्यास किया।


एनडीआरएफ ने बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया, जबकि अग्निशमन विभाग ने आग बुझाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया।
सिविल डिफेंस की टीमों का नेतृत्व सहायक उप नियंत्रक (वरिष्ठ वेतनमान) गुलाम नबी और सहायक उप नियंत्रक नेम सिंह ने किया। गाजियाबाद के वार्डन नागरिक सुरक्षा ललित जायसवाल ने इस मॉक ड्रिल को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मॉक ड्रिल में यह रहे मौजूद
इस मौके पर दीपक अग्रवाल, संजय गोयल, तुषार शर्मा, सुधीर कुमार (डिवीजनल वार्डन),संध्या त्यागी, मंजू गर्ग, एक जैन, एक ठाकुर, हर्ष वर्मा, दिव्यांशु सिंघल,कपिल त्यागी, सुनील चौधरी, नागरिक शिक्षा वार्डन ललित जायसवाल का विशेष सहयोग रहा।

Ghaziabad news

 

यहां से शेयर करें