ट्रैफिक पुलिस कर्मियों से उगाही करने वाला सिंडिकेट बेनकाब, दो गिरफ्तार

New Delhi news  दिल्ली क्राइम ब्रांच की एंटी रॉबरी एंड स्नैचिंग सेल (एआरएससी) ने ट्रैफिक पुलिस कर्मियों और सरकारी अधिकारियों को ब्लैकमेल कर उगाही करने वाले एक बड़े और संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। अलग-अलग दो मामलों में ट्रैफिक धोखाधड़ी और उगाही सिंडिकेट से जुड़े दो और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब तक इस नेटवर्क से जुड़े कुल 10 आरोपित पकड़े जा चुके हैं। इनमें गैंग लीडर जीशान अली और राजकुमार उर्फ राजू मीणा जैसे कुख्यात नाम शामिल हैं।

क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त संजीव यादव ने रविवार को बताया कि पहली कार्रवाई में अमीर चौधरी उर्फ सिकंदर को गिरफ्तार किया गया है, जो पहले से गिरफ्तार किंगपिन जीशान अली का करीबी सहयोगी है। यह गिरोह ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की ड्यूटी के दौरान चोरी-छिपे वीडियो बनाता था और बाद में उन्हें ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूलता था।

चोरी-छिपे वीडियो बनाकर करते थे ब्लैकमेल

दूसरी कार्रवाई में संजय गुप्ता को गिरफ्तार किया गया, जो गैंग लीडर राजकुमार उर्फ राजू मीणा का साथी है। पुलिस के मुताबिक संजय को ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के वीडियो रिकॉर्ड करने, उन्हें एडिट करने और झूठे आरोप जोड़कर उगाही करने की ट्रेनिंग दी गई थी। आरोपी विभागीय कार्रवाई, निलंबन और झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर पैसे वसूलते थे।

दो मामलों में हुआ खुलासा

पुलिस के अनुसार पहला मामला अप्रैल 2025 में सामने आया, जब एक कमर्शियल वाहन ने फर्जी ’03 मार्च’ स्टिकर लगाकर चेकिंग से बचने की कोशिश की। जांच में व्हाट्सऐप ग्रुप्स और डिजिटल सबूतों से संगठित अपराध सिंडिकेट का खुलासा हुआ, जिसमें अब तक सात गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। दूसरा मामला दिसंबर 2025 में दर्ज किया गया, जिसमें 2015 से सक्रिय आदतन अपराधी राजकुमार उर्फ राजू मीणा और उसके साथियों पर मकोका सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया।

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