Sunflower Oil Crisis: नई दिल्ली/मुंबई, भारत का खाद्य तेल आयात एक बार फिर सुर्खियों में है। त्योहारी सीजन की बढ़ती मांग और प्रतिस्पर्धी कीमतों के चलते देश का सोया तेल (सोयाबीन ऑयल) आयात अगस्त 2026 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने जा रहा है। इसके साथ ही रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण सूरजमुखी तेल की सप्लाई चेन में आई रुकावट भी इस बदलाव की एक बड़ी वजह बनकर सामने आई है।
व्यापार सौदों से सीधे जुड़े चार डीलरों के हवाले से रॉयटर्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि अगस्त में सोया तेल का आयात बढ़कर करीब 6.2 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच सकता है, जो चालू विपणन वर्ष (जो नवंबर में शुरू हुआ था) के औसत मासिक आयात 4,24,549 टन से करीब 46 प्रतिशत अधिक है। इन डीलरों ने कंपनी नीतियों के चलते अपनी पहचान उजागर न करने की शर्त पर यह जानकारी साझा की।
सूरजमुखी तेल की जगह ले रहा सस्ता सोया तेल
मुंबई स्थित वनस्पति तेल ब्रोकरेज फर्म सनविन ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संदीप बजोरिया के अनुसार, सोया तेल की कीमतें बेहद प्रतिस्पर्धी बनी हुई हैं, वहीं सूरजमुखी तेल की सप्लाई में आई रुकावट ने सोया तेल को और भी आकर्षक बना दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक हाल के महीनों में रूस और यूक्रेन ने काला सागर क्षेत्र में एक-दूसरे के बंदरगाहों और समुद्री ढांचे को निशाना बनाना बढ़ा दिया है, जिससे अनाज और वनस्पति तेल की ढुलाई प्रभावित हुई है। गौरतलब है कि रूस और यूक्रेन वैश्विक सूरजमुखी तेल आपूर्ति में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखते हैं, ऐसे में इन दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष का सीधा असर भारत जैसे बड़े आयातक देश पर पड़ रहा है।
दक्षिण भारत के बंदरगाहों पर भी सोया तेल की एंट्री
आमतौर पर दक्षिण भारत के खरीदार सूरजमुखी तेल को प्राथमिकता देते रहे हैं, लेकिन आपूर्ति बाधित होने के कारण अब वे भी सोया तेल की ओर रुख कर रहे हैं। पश्चिमी तट के कांडला और जेएनपीटी बंदरगाहों के अलावा अब दक्षिण भारत के कृष्णापटनम और काकीनाडा बंदरगाहों पर भी सोया तेल की खेप पहुंचना शुरू हो गई है।
पाम तेल के मुकाबले घटा सोया तेल का प्रीमियम
बाजार जानकारों के मुताबिक, सोया तेल की पाम तेल के मुकाबले कीमत का अंतर घटकर करीब 50 डॉलर प्रति मीट्रिक टन रह गया है, जो अप्रैल में 100 डॉलर से भी अधिक था। पाम तेल की कीमतों में यह उछाल प्रतिकूल मौसम से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका और इंडोनेशिया द्वारा बायोफ्यूल में पाम तेल के उपयोग को बढ़ाने के फैसले के चलते देखा जा रहा है। इस घटते प्रीमियम ने भारतीय खरीदारों के लिए सोया तेल को और भी किफायती विकल्प बना दिया है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य तेल आयातक देश है, और वैश्विक भू-राजनीतिक हलचल का सीधा असर देश की रसोई तक पहुंचता है। आने वाले महीनों में अगर रूस-यूक्रेन युद्ध की स्थिति और बिगड़ती है, तो भारत के आयात पैटर्न में यह बदलाव और गहरा सकता है।

