स्ट्रेट होर्मुज दोबारा बंद: ईरान-इजरायल युद्ध में दो सप्ताह का नाजुक सीजफायर, लेबनान-हिजबुल्लाह संघर्ष पर लागू नहीं, स्ट्रेट ऑफ हार्मुज फिर बंद

स्ट्रेट होर्मुज दोबारा बंद: अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच 8 अप्रैल 2026 को दो सप्ताह का सीजफायर समझौता हुआ, जिसकी मध्यस्थता पाकिस्तान ने की थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ हार्मुज खोलने की डेडलाइन दी थी, जिसके ठीक पहले यह समझौता हो गया। ईरान ने सुरक्षित गुजर की अनुमति देने की बात कही, लेकिन लेबनान में इजरायली हमलों को लेकर तनाव बढ़ गया है।

सीजफायर के कुछ घंटों बाद ही इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत और दक्षिणी इलाकों में भारी बमबारी की। लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय और सिविल डिफेंस के अनुसार, इन हमलों में कम से कम 182 से 254 लोग मारे गए और 890 से 1,165 से ज्यादा घायल हुए। यह पिछले एक महीने में लेबनान का सबसे घातक दिन था। इजरायल ने दावा किया कि उसने 10 मिनट में 100 से ज्यादा हिजबुल्लाह ठिकानों पर हमला किया, जिसमें हिजबुल्लाह नेता नैम कासेम के सहयोगी (उनके भतीजे) की मौत भी शामिल है। इजरायल का कहना है कि यह सीजफायर ईरान के साथ है, लेबनान-हिजबुल्लाह संघर्ष पर लागू नहीं होता।

ईरान ने इन हमलों के जवाब में स्ट्रेट ऑफ हार्मुज फिर से बंद कर दिया, जिससे तेल टैंकरों की आवाजाही रुक गई और तेल की कीमतें 97 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गईं। ईरान का कहना है कि सीजफायर की शर्तें पूरी होने और लेबनान पर हमले रुकने तक जलडमरूमध्य खुला नहीं रहेगा। अमेरिका ने इसे खोलने की मांग की है, जबकि फ्रांस, इटली और ब्रिटेन जैसे देश जहाजों की एस्कॉर्ट के लिए योजना बना रहे हैं। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने हमलों की निंदा की और सभी पक्षों से सीजफायर का सम्मान करने की अपील की।

ट्रंप ने कहा कि लेबनान इस डील का हिस्सा नहीं है और अमेरिकी सैनिक इलाके में बने रहेंगे। उन्होंने नाटो की भी आलोचना की। पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान वार्ता शुरू होने वाली है, जिसमें अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस की टीम शामिल होगी। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के 40 दिन पूरे होने पर देशभर में श्रद्धांजलि सभाएं हुईं।

विश्लेषकों का मानना है कि सीजफायर बहुत नाजुक है। लेबनान में हमलों और हार्मुज की स्थिति के कारण इसे तोड़ने का खतरा मंडरा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूएन और यूरोपीय देशों ने लेबनान को भी सीजफायर में शामिल करने की मांग की है। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और आगे की बातचीत पर सबकी नजर है।

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