यह ट्रेंड इतना तेजी से फैला कि बड़े-बड़े सेलेब्रिटीज भी इसमें शामिल हो गए। काइली जेनर ने अपनी पिंक हेयर वाली पुरानी फोटो पोस्ट करते हुए लिखा, “यू जस्ट हैड टू बी देयर।” लेखिका लेना डनहम, एक्ट्रेस सेलेना गोमेज और मॉडल कार्ली क्लॉस ने भी 2016 की थ्रोबैक तस्वीरें शेयर कीं – ठीक वैसे ही जैसे उस समय #TBT हैशटैग के साथ होता था।
न्यूयॉर्क टाइम्स की हालिया रिपोर्ट (17 जनवरी 2026) के अनुसार, यह नॉस्टैल्जिया ऑनलाइन दुनिया की तेज रफ्तार को दिखा रहा है, जहां ट्रेंड्स जल्दी जलते और बुझते हैं। 2016 का दौर कई लोगों को “मिलेनियल ऑप्टिमिज्म” का प्रतीक लगता है – जब इंडी म्यूजिक का बोलबाला था, इंस्टाग्राम-ट्विटर जैसे प्लेटफॉर्म्स नए-नए थे और “नॉवेल कोरोना वायरस” जैसा शब्द किसी के जहन में भी नहीं था।
यह भावना सिर्फ मिलेनियल्स तक सीमित नहीं है। जेन जेड के युवा, जो उस दौर में छोटे थे या अंत में आए, भी इसे याद कर रहे हैं। कुछ बुजुर्ग पीढ़ियां उन्हें “अत्यधिक आशावादी” कहकर चिढ़ाती भी हैं। कंसास सिटी की 25 साल की कैमरी फर्रान (जो खुद को “जिलेनियल” कहती हैं) ने बताया कि 2016 में उन्हें और उनके दोस्तों को लगता था कि पूरी दुनिया उनकी मुट्ठी में है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह ट्रेंड आज के इंटरनेट की जटिलता और थकान को भी उजागर कर रहा है। सोशल मीडिया अब विज्ञापनों और इन्फ्लुएंसर्स से भरा है, जबकि 2016 में सब कुछ ज्यादा सरल और मजेदार लगता था।
यह ट्रेंड अभी भी जारी है और तेजी से फैल रहा है। क्या यह महज एक क्षणिक लहर है या वर्तमान समय की निराशा का आईना – यह देखना बाकी है।

