वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहसिना किदवई का निधन: 94 वर्ष की आयु में ली आखरी सांस, खड़गे-राहुल समेत शीर्ष नेताओं ने नोएडा आवास पर दी श्रद्धांजलि

वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहसिना किदवई का निधन: कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई का आज सुबह करीब चार बजे नोएडा के मेट्रो अस्पताल में उम्र संबंधी बीमारी के कारण निधन हो गया। वे 94 वर्ष की थीं। नोएडा सेक्टर-40 स्थित अपने आवास पर रह रही किदवई जी के निधन की खबर से कांग्रेस पार्टी और राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

निधन के तुरंत बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राज्यसभा सांसद मुकुल वासनिकजयराम रमेश, लोकसभा सांसद तनुज पुनिया, राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रिणाते, नोएडा कांग्रेस के प्रदेश सचिव पुरुषोत्तम नागर, स्टेट कोऑर्डिनेटर सतेंद्र शर्मा, अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय सचिव लियाकत चौधरी, महानगर अध्यक्ष मुकेश यादव, पूर्व अध्यक्ष शहाबुद्दीन और वरिष्ठ नेता दिनेश अवाना समेत कई नेता उनके आवास पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को संवेदना व्यक्त की।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर लिखा, “कांग्रेस पार्टी की दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीमती मोहसिना किदवई जी के निधन से मैं अत्यंत व्यथित हूं। उन्होंने अपने जीवन के छह दशकों से अधिक समय राष्ट्र सेवा में समर्पित किया। लोकसभा और राज्यसभा में दीर्घकालिक सांसद तथा कांग्रेस कार्यसमिति की सम्मानित सदस्य के रूप में वे पार्टी के सबसे चुनौतीपूर्ण दौर में भी मार्गदर्शक बनी रहीं। उनका निधन कांग्रेस पार्टी और राष्ट्र के लिए गहरा नुकसान है।”

राहुल गांधी ने भी गहरा शोक व्यक्त करते हुए लिखा, “पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व सांसद मोहसिना किदवई जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। वे कांग्रेस की अत्यंत वरिष्ठ और वफादार नेता थीं, जिनका पूरा जीवन जनसेवा का उदाहरण रहा। उन्होंने कई पीढ़ियों की महिलाओं को प्रेरित किया।”

तनुज पुनिया ने आवास पर पहुंचकर कहा कि किदवई जी बाराबंकी की प्रमुख नेता थीं और कांग्रेस की विचारधारा के प्रति समर्पित रहीं।

सचिन पायलट सहित अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी उनके सरल, सौम्य और विनम्र व्यक्तित्व की सराहना की।

जीवन परिचय

मोहसिना किदवई उत्तर प्रदेश की बाराबंकी जिले से ताल्लुक रखती थीं। उन्होंने मेरठ से तीन बार लोकसभा चुनाव जीता था और इंदिरा गांधी तथा राजीव गांधी सरकारों में स्वास्थ्य, शहरी विकास, पर्यटन और नागरिक उड्डयन जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाले थे। वे कांग्रेस कार्यसमिति की लंबे समय तक सदस्य रहीं और नेहरू-गांधी परिवार की करीबी नेता मानी जाती थीं। नोएडा सेक्टर-40 आवास से आज दोपहर 3 बजे उनकी अंतिम यात्रा निकली। दिल्ली के निजामुद्दीन कब्रिस्तान में शाम करीब 5 बजे उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। कांग्रेस पार्टी ने उनके निधन को ‘पार्टी और देश के लिए अपूरणीय क्षति’ बताया है। उनके जाने से भारतीय राजनीति में महिला नेतृत्व की एक मजबूत कड़ी टूट गई है।

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