Land Acquisition Scam Me IAS Abhishek Prakash Ki Bhoomika: भ्रष्टाचार के खिलाफ़ योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी दिखाई दे रही है। यही कारण है की उनके चहेते अफसर कहे जाने वाले आईएएस अभिषेक प्रकाश पर लगातार शिकंजा कसता जा रहा है। अब केवल अभिषेक प्रकाश ही नहीं बल्कि जमीन अधिग्रहण के घोटाले में ओर अफसर भी घेरे में आ चुके हैं। बता दें कि डिफेंस कॉरिडोर के लिए लखनऊ के भटगांव में जमीन अधिग्रहण के दौरान घोटाला सामने आया। जिसमें आईएएस अभिषेक प्रकाश और तत्कालीन अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमरपाल सिंह समेत 16 अफसरों व कर्मचारियों को दोषी ठहराया गया है। राजस्व परिषद के तत्कालीन अध्यक्ष रजनीश दुबे व कानपुर के तत्कालीन मंडलायुक्त अमित गुप्ता की रिपोर्ट को सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंजूरी दे दी है।
बाकी सेवारत कर्मियों का होगा निलंबन
मालूम हो कि लखनऊ के तत्कालीन जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश रिश्वत मांगने के आरोप में संस्पेड हो चुके हैं। बाकी सेवारत कर्मियों का निलंबन भी तय माना जा रहा है। क्रय समिति के अध्यक्ष के रूप में लखनऊ के जिलाधिकारी और सदस्य सचिव के रूप में सरोजनीनगर के तहसीलदार ने दायित्यों का पालन नहीं किया, जिससे अनियमित भुगतान हुआ और सरकारी धन की हानि हुई। भटगांव में डिफेंस कॉरिडोर के लिए जमीन अभी तक नहीं खरीदी गई है, जमीन के निजी लोगों के क्रय-विक्रय पर अंतरिम रोक लग गई है।
इन अफसरों पर गाज गिरना तय
रिपोर्ट के आधार पर अभिषेक प्रकाश पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की सीएम ने मंजूरी दे दी है। तत्कालीन एसडीएम संतोष कुमार, शंभु शरण, आनंद कुमार क देवेंद्र कुमार, तहसीलदार ज्ञानेंद्र सिंह, विजय कुमार सिंह, उमेश कुमार व मनीष त्रिपाठी, नायब तहसीलदार कविता ठाकुर, राजस् निरीक्षक राधेश्याम, जितेंद्र कुमार सिंह व नैन्सी शुक्ला व लेखपाल हरिश्चंद्र व ज्ञान प्रकाश अवस्थी को दोषी ठहराया गया है। राजस्व विभाग ने कार्रवाई के लिए रिपोट नियुक्ति प्राधिकारियों को भेज दी।