RSS vs BJP: दिल्ली में BJP सरकार के खिलाफ आरएसएस-समर्थित BMS का मोर्चा, 27 फरवरी को DTC मुख्यालय पर बड़ा धरना, कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को पक्का करने की मांग

RSS vs BJP: दिल्ली की भाजपा सरकार (मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता) के खिलाफ भारतीय परिवहन मजदूर महासंघ (BMS) ने सड़क पर उतरने की तैयारी कर ली है। चुनावी वादों की ‘खिलाफी’ और निजीकरण के डर को लेकर DTC के हजारों कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी और पेंशनभोगी 27 फरवरी को इंद्रप्रस्थ एस्टेट स्थित DTC मुख्यालय पर विशाल धरना-प्रदर्शन करने जा रहे हैं। अगर मांगें नहीं मानी गईं तो अगले 15 दिनों में उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

मुख्य मुद्दे और वादा खिलाफी
भाजपा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले वादा किया था कि सत्ता में आते ही DTC के सभी कॉन्ट्रैक्ट ड्राइवर-कंडक्टरों को स्थायी (पक्का) किया जाएगा और ‘समान काम, समान वेतन’ लागू होगा। एक साल बीत चुका है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मजदूरों का आरोप है कि नई इलेक्ट्रिक बसें टाटा और अन्य निजी कंपनियों के जरिए संचालित हो रही हैं, जिनके ड्राइवर भी प्राइवेट हैं। इससे DTC के अपने कर्मचारियों के बेरोजगार होने का खतरा मंडरा रहा है। साथ ही लगभग 20,000 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को हर महीने पेंशन के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।

BMS की तीन प्रमुख मांगें
भारतीय परिवहन मजदूर महासंघ (आरएसएस से जुड़ा संगठन) ने साफ किया:
1. सभी कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को तुरंत स्थायी किया जाए।
2. कम से कम 5,000 नई बसें पूरी तरह DTC की हों (ड्राइवर, कंडक्टर और संचालन 100% सरकारी)।
3. पेंशनभोगियों की समस्याओं का स्थायी समाधान हो।

सरकार से नाराजगी
संगठन के नेताओं ने कहा, “पिछली केजरीवाल सरकार कम से कम डरती थी और बातचीत करती थी, लेकिन रेखा गुप्ता सरकार के मंत्री-अधिकारी मिलने का समय तक नहीं दे रहे।”
उन्होंने यह भी कहा कि भले ही हम वैचारिक रूप से एक ही परिवार (आरएसएस-भाजपा) से हैं, लेकिन मजदूरों के हक के लिए अपनी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलना पड़ रहा है।

सरकार का पक्ष और हालिया कदम
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 8 फरवरी 2026 को DTC के लिए 1,200 करोड़ रुपये का अनुदान मंजूर किया था, जिसमें 1,100 करोड़ रुपये वेतन-पेंशन और बकाया के लिए तथा 100 करोड़ रुपये आधुनिकीकरण के लिए हैं। सरकार का दावा है कि इससे DTC मजबूत होगा और इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़कर 4,000 हो गई है। लेकिन BMS नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ अस्थायी राहत है, मूल मुद्दे — स्थायीकरण और निजीकरण रोकना — अनसुलझे हैं।

आगामी कार्यक्रम
27 फरवरी 2026: DTC मुख्यालय (IP Estate) पर विशाल धरना-प्रदर्शन और रैली का आयोजन किया जा रहा है। सभी ड्राइवर-कंडक्टरों से पूर्ण सहयोग की अपील, जबरदस्त उत्साह दिख रहा है। मांगें पूरी न होने पर 15 दिनों के अंदर उग्र आंदोलन। बैकग्राउंड
यह विरोध ऐसे समय में है जब पूरे देश में BMS 25 फरवरी को भी श्रमिक मुद्दों पर प्रदर्शन कर रही है। दिल्ली में DTC कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की यह लड़ाई पिछले कई सालों से चल रही है। संगठन ने पहले भी ज्ञापन दिया था, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है। यदि बातचीत नहीं हुई तो दिल्ली की सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

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