रियाद (सऊदी अरब), सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार (10 अक्टूबर 2026) को हुए घातक हमले में 12 लोगों की मौत हो गई और 300 से अधिक लोग घायल हुए। इनमें 11 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। भारतीय दूतावास ने रविवार को इसकी पुष्टि की और बताया कि वह घायल भारतीयों की स्थिति जानने के लिए स्थानीय अधिकारियों और अस्पताल प्रशासन से लगातार संपर्क में है।
सऊदी सिविल एविएशन अथॉरिटी के अनुसार, इस हमले में चार सऊदी नागरिकों के अलावा बांग्लादेश के दो नागरिक तथा अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन और सूडान के एक-एक नागरिक की मौत हुई। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई गई है। हवाई अड्डे के टर्मिनल 3 और 4 (मुख्य रूप से घरेलू उड़ानों के लिए) पर मिसाइल हमला हुआ, जिससे छत का हिस्सा ढह गया और यात्रियों में भगदड़ मच गई। यह सऊदी अरब में एक दशक से अधिक समय में सबसे घातक हमला माना जा रहा है।
भारतीय दूतावास, रियाद ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, “रियाद एयरपोर्ट पर कल हुए घृणित हमले में 12 लोगों की दुर्भाग्यपूर्ण मौत हुई और 300 से अधिक घायल हुए। इसमें 11 भारतीय भी शामिल हैं। दूतावास उनके स्वास्थ्य की जानकारी के लिए स्थानीय अधिकारियों से संपर्क में है। हमारे अधिकारी अस्पताल प्रशासन से भी मिले हैं। आगे की जानकारी उपलब्ध होते ही दी जाएगी।” विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस पोस्ट को साझा करते हुए लिखा कि दूतावास इस कठिन स्थिति में आवश्यक कदम उठा रहा है और लोगों से अपडेट फॉलो करने को कहा।
भारत सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा की। विदेश मंत्रालय (एमईए) के बयान में कहा गया, “हम रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पिछले कुछ दिनों में हुए बार-बार के हमलों, खासकर 10 अक्टूबर के घृणित हमले की कड़ी निंदा करते हैं, जिसमें जानें गईं, लोग घायल हुए और संपत्ति को नुकसान पहुंचा। हम मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। नागरिकों और नागरिक अवसंरचना पर बार-बार हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और इन्हें तुरंत बंद होना चाहिए। हम सऊदी अरब के लोगों और सरकार के साथ उनकी संप्रभुता की रक्षा में एकजुटता व्यक्त करते हैं और उम्मीद करते हैं कि क्षेत्र में जल्द शांति और सामान्य स्थिति बहाल हो।”
यह हमला इस हफ्ते रियाद एयरपोर्ट पर तीसरा हमला था। इससे पहले गुरुवार को हुए हमलों में तीन सऊदी नागरिक मारे गए थे, जिनमें एक पायलट भी शामिल था, और एक सऊदी विमान को नुकसान पहुंचा था। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन के ईरान समर्थित हूथी विद्रोहियों को इस हमले का जिम्मेदार ठहराया है और इसे “पूर्ण युद्ध अपराध” करार देते हुए निर्णायक जवाब देने की चेतावनी दी है। हूथियों ने इस हमले की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से नहीं ली, लेकिन उन्होंने सऊदी एयरपोर्ट और एयरस्पेस का इस्तेमाल न करने की चेतावनी दोहराई है।
हमले के बाद हवाई अड्डे के संचालन को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया था। सैकड़ों उड़ानें रद्द या विलंबित हुईं। दूतावास ने भारतीय नागरिकों को पहले जारी सलाह दोहराई है कि वे सतर्क रहें, आवश्यक होने पर घर के अंदर रहें और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें। सोशल मीडिया पर घटना से जुड़ी कोई पोस्ट न साझा करने की भी सलाह दी गई है।
क्षेत्र में तनाव बढ़ने के बीच अमेरिका ने भी हमले की निंदा की है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने एक अमेरिकी नागरिक की मौत की पुष्टि की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका सऊदी अरब के साथ हूथियों पर हमलों में शामिल होने पर विचार कर रहा है। दूतावास ने कहा कि वह घायल भारतीयों की स्थिति पर नजर रखे हुए है और आवश्यकतानुसार सहायता प्रदान करेगा। आगे की अपडेट उपलब्ध होते ही जारी की जाएंगी।
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