Ray-Ban Meta smartglasses are secretly recording women: स्मार्ट ग्लासेस, जो हाथों से फ्री फोटो, ट्रांसलेशन और वॉयस असिस्टेंट के लिए बनाए गए थे, अब महिलाओं की प्राइवेसी का सबसे बड़ा दुश्मन बन रहे हैं। अमेरिका और ब्रिटेन में पुरुष इन ग्लासेस से महिलाओं को बिना बताए रिकॉर्ड कर रहे हैं और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर ट्रोलिंग व हैरेसमेंट करा रहे हैं।

ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, जनवरी 2026 में BBC की जांच में पता चला कि ब्रिटेन में कई ‘मैनफ्लुएंसर्स’ रे-बैन मेटा स्मार्ट ग्लासेस पहनकर सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं से बात करते हैं और गुप्त रूप से रिकॉर्डिंग कर टिकटॉक-इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर रहे हैं। इन वीडियो में महिलाओं को अप्रोच करने की ‘टिप्स’ दी जाती हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में महिलाओं को पता ही नहीं चलता कि वे रिकॉर्ड हो रही हैं।
एक पीड़िता ओनाघ ने BBC को बताया, “मुझे पता ही नहीं था कि मैं रिकॉर्ड हो रही हूं। वीडियो पोस्ट होने के बाद लाखों व्यूज आए और सैकड़ों सेक्सुअल व अपमानजनक कमेंट्स आएं।” इसी तरह दिलारा और कैसी जंजानी जैसी महिलाओं ने बताया कि नशे में या कमजोर पल में टारगेट किया जाता है। एक वीडियो को 13 लाख व्यूज मिले।
इंग्लैंड में जनवरी 2026 में एक केस में 47 साल के डेविड विलियम्स ने होटल में महिला के साथ संबंध के दौरान स्मार्ट ग्लासेस से रिकॉर्डिंग की और वीडियो भेजे, लेकिन कोर्ट ने जेल की सजा नहीं दी – सिर्फ जुर्माना लगाया।
मेटा कंपनी का दावा है कि रिकॉर्डिंग पर LED लाइट जलती है, लेकिन BBC ने देखा कि इसे कवर या डिसेबल करना आसान है। कई सस्ते चाइनीज मॉडल्स में यह फीचर ही नहीं होता।
भारत का एंगल: भारत में भी ये ग्लासेस उपलब्ध हैं, लेकिन डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट में पब्लिक प्लेस में वियरेबल्स से रिकॉर्डिंग पर कोई सख्त नियम नहीं। जगन्नाथ मंदिर, राम मंदिर जैसे जगहों पर पहले ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। क्रूज कंपनी MSC ने तो अपने जहाजों पर स्मार्ट ग्लासेस पूरी तरह बैन कर दिए हैं।
विशेषज्ञ कहते हैं कि पब्लिक स्पेस में रिकॉर्डिंग कानूनी हो सकती है, लेकिन हैरेसमेंट नहीं। महिलाएं सतर्क रहें – अगर कोई अजीब तरीके से बात करे या ग्लासेस पहने हो, तो दूर रहें। कानून को अपडेट करने की जरूरत है ताकि बिना सहमति की रिकॉर्डिंग पर सख्ती हो।

