गुजरात के एकता नगर (केवडिया) में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की पृष्ठभूमि में मंगलवार को आयोजित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने फिल्म सितारों से सीधा और सशक्त संदेश दिया। उन्होंने लोकप्रिय कलाकारों से अपील की कि वे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों का प्रचार-प्रसार न करें। राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि फिल्म कलाकारों का युवाओं और बच्चों पर गहरा प्रभाव पड़ता है, इसलिए उन्हें सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।
राष्ट्रपति मुर्मू ने समारोह में कहा, “लोकप्रिय फिल्म कलाकारों में देश के लोगों, खासकर युवाओं को प्रभावित करने की अपार क्षमता है। जब सफल कलाकार अनुशासित जीवनशैली के फायदों के बारे में बात करते हैं, तो लाखों बच्चे और युवा उनका अनुकरण करते हैं। मैं लोकप्रिय कलाकारों से अनुरोध करना चाहूंगी कि वे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थों का एंडोर्समेंट न करें। सच्चा स्टार वही है जो रोशनी फैलाए, अंधेरा नहीं।”
यह अपील ऐसे समय में आई है जब हाल के महीनों में शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ जैसे बड़े सितारों पर पान मसाला ब्रांड (विमल इलायची विज्ञापन के जरिए सरोगेट एडवरटाइजिंग के आरोप) के प्रचार को लेकर महाराष्ट्र एफडीए द्वारा नोटिस जारी किए गए थे। हालांकि राष्ट्रपति ने किसी खास नाम या ब्रांड का जिक्र नहीं किया, लेकिन उनके शब्दों ने सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट की जिम्मेदारी पर नए सिरे से चर्चा छेड़ दी है।
पहली बार दिल्ली के बाहर हुआ समारोह
यह 72वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। पहली बार यह पुरस्कार दिल्ली के विज्ञान भवन के बजाय गुजरात के नर्मदा जिले के एकता नगर में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास आयोजित किया गया। 182 मीटर ऊंची सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा की पृष्ठभूमि में विशेष डोम में यह भव्य कार्यक्रम हुआ। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना के अनुरूप है और भविष्य में अन्य राज्यों के पर्यटन स्थलों पर भी इस तरह के समारोह आयोजित किए जा सकते हैं।
प्रमुख पुरस्कार विजेता
राष्ट्रपति ने विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार वितरित किए। दादासाहेब फाल्के पुरस्कार कन्नड़ सिनेमा के दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को उनके पांच दशकों से अधिक के योगदान के लिए प्रदान किया गया। उनकी पत्नी गायत्री भी इस मौके पर मौजूद रहीं।
- सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म: आर्टिकल 370
- सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री: यामी गौतम (आर्टिकल 370)
- सर्वश्रेष्ठ अभिनेता: कार्तिक आर्यन (चंदू चैंपियन) और मम्मूटी (ब्रह्मायुगम) — संयुक्त रूप से
- सर्वश्रेष्ठ निर्देशक: राजकुमार पेरियासामी (अमरन)
मम्मूटी के लिए यह चौथा राष्ट्रीय पुरस्कार है, जो उन्हें अमिताभ बच्चन के बराबर ला खड़ा करता है। नॉन-फीचर श्रेणी में ‘भंगार’ को सर्वश्रेष्ठ नॉन-फीचर फिल्म और ‘रामनामी’ को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का सम्मान मिला। आनंद एल राय को ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी: एकता का प्रतीक’ डॉक्यूमेंट्री के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशन का पुरस्कार दिया गया।
महिलाओं की भागीदारी और रचनात्मक अर्थव्यवस्था पर जोर
राष्ट्रपति ने जूरी में महिलाओं की अधिक भागीदारी की भी वकालत की। उन्होंने कहा, “आज कई महिलाओं को सम्मानित किया गया। हर क्षेत्रीय जूरी में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए। किसी भी क्षेत्र में महिलाओं के दृष्टिकोण को शामिल करने से ही संपूर्ण मानवता का दृष्टिकोण बनता है।”
उन्होंने फिल्म उद्योग से रचनात्मक अर्थव्यवस्था के छोटे कलाकारों, सहायकों, मजदूरों और संघर्षशील कलाकारों को सम्मान और सामाजिक सुरक्षा देने की भी अपील की। राष्ट्रपति ने कहा कि ये लोग इस अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा हैं और इन्हें उचित सम्मान मिलना चाहिए।
समारोह में मम्मूटी, कार्तिक आर्यन, यामी गौतम, धनush और अन्य कई सितारे मौजूद रहे। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने फिल्म निर्माताओं को राज्य में फिल्में बनाने का न्योता दिया। गवर्नर आचार्य देवव्रत ने फिल्मों को तनाव और अवसाद से बाहर निकालने का माध्यम बताया।
राष्ट्रपति के इस संदेश ने फिल्म उद्योग में सेलिब्रिटी जिम्मेदारी, स्वास्थ्य संबंधी उत्पादों के विज्ञापन और युवाओं पर पड़ने वाले प्रभाव पर व्यापक बहस छेड़ दी है। कई विशेषज्ञ इसे सिर्फ पुरस्कार समारोह का भाषण नहीं, बल्कि समाज के प्रति कलाकारों की नैतिक जिम्मेदारी की याद दिलाने वाला महत्वपूर्ण बयान मान रहे हैं।
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