पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों संग अहम बैठक, लॉकडाउन की अफवाहें निराधार

PM modi

West Asia crisis : नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर देश की तैयारियों और आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में ‘टीम इंडिया’ की भावना के तहत केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया गया, ताकि किसी भी परिस्थिति में आवश्यक सेवाएं बाधित न हों।

West Asia crisis :

बैठक के साथ ही देश में फैल रही लॉकडाउन की अफवाहों पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि देश में किसी भी प्रकार का लॉकडाउन प्रस्तावित नहीं है और कोविड-19 जैसे हालात नहीं हैं। उन्होंने इन खबरों को पूरी तरह भ्रामक बताते हुए लोगों से अफवाहों से दूर रहने की अपील की।

वहीं पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता को लेकर भी सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के बावजूद देश में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और कहीं भी कमी की स्थिति नहीं है।

उन्होंने कहा कि सरकार वैश्विक हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही, अफवाहों को “गैरजिम्मेदाराना और नुकसानदायक” बताते हुए नागरिकों से केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की गई।

बैठक में राज्यों की तैयारियों, आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और आपातकालीन प्रबंधन तंत्र की भी समीक्षा की गई। आचार संहिता लागू होने के कारण चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्री बैठक में शामिल नहीं हुए, लेकिन उनके मुख्य सचिवों के साथ अलग से बैठक कर समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा।

चुनावी राज्यों के लिए अलग बैठक

आचार संहिता लागू होने के कारण चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं हुए। ऐसे राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ अलग बैठक कैबिनेट सचिवालय द्वारा आयोजित की जाएगी।

मुख्यमंत्रियों ने जताया भरोसा

बैठक में मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार के कदमों की सराहना करते हुए भरोसा जताया कि उनके राज्यों में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता के चलते स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने केंद्र के साथ समन्वय बनाए रखने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

पहले भी हुई सर्वदलीय बैठक

इससे पहले 25 मार्च को सरकार ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर सर्वदलीय बैठक कर राजनीतिक दलों को जानकारी दी थी। लोकसभा में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि यह संकट लंबा चल सकता है और देश को एकजुट रहकर तैयार रहना होगा।

उन्होंने चेतावनी दी थी कि कुछ असामाजिक तत्व स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए सभी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है।

देश में 60 दिन का ईंधन भंडार

सरकार ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि देश के पास लगभग 60 दिनों का ईंधन भंडार उपलब्ध है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, कच्चे तेल की आपूर्ति पहले से सुनिश्चित है और भारत 40 से अधिक देशों से तेल आयात कर रहा है, जिससे आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका कम है।

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