पेशावर/कोहाट। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट जिले में शुक्रवार (18 सितंबर) को जुमे की नमाज के दौरान एक बड़ा आतंकी हमला हुआ। पुराने पुलिस लाइंस परिसर स्थित मस्जिद के पास विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी को गेट से टकरा दिया गया, जिससे जोरदार धमाका हुआ। हादसे में अब तक कम से कम 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।
गेट से टकराई विस्फोटक लदी गाड़ी
खैबर पख्तूनख्वा पुलिस के महानिरीक्षक (आईजी) जुल्फिकार हमीद ने बताया कि विस्फोटकों से लदी एक गाड़ी पुराने पुलिस लाइंस के गेट से टकरा दी गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार धमाके से मस्जिद के बाहर एक बड़ा गड्ढा बन गया और मस्जिद के बाहरी हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा। बताया जा रहा है कि परिसर की एक दीवार भी धमाके में ढह गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पुलिस लाइंस के भीतर एक के बाद एक तीन धमाकों की आवाज सुनी गई। धमाके के बाद सुरक्षाबलों और हमलावरों के बीच मुठभेड़ भी शुरू हो गई, जो फिलहाल जारी बताई जा रही है।
अस्पताल में इमरजेंसी घोषित
जिला मुख्यालय अस्पताल (डीएचक्यू), कोहाट के मेडिकल सुपरिटेंडेंट ताहिर अली शाह के अनुसार, अस्पताल में अब तक 15 शव और 50 से ज्यादा घायल लाए जा चुके हैं। घायलों में कई पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। बड़ी संख्या में हताहतों को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी घोषित कर दी है। राहत कार्यों के लिए करीब 14 एंबुलेंस और 40 से अधिक बचावकर्मी मौके पर तैनात किए गए हैं।
इलाका सील, अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात
घटना के बाद पूरे इलाके को सील कर दिया गया है और कोहाट-हंगू रोड को सभी प्रकार के यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। पुलिस लाइंस के आसपास अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) की टीमें भी मौके पर पहुंच गई हैं और हमलावरों को घेरने का प्रयास कर रही हैं।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जताया दुख
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कोहाट की इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने घायलों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को घायलों के बेहतर और त्वरित इलाज के निर्देश दिए हैं। अभी तक किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
खैबर पख्तूनख्वा में हमलों का सिलसिला जारी
गौरतलब है कि खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पिछले कुछ महीनों से आतंकी हमलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। इससे पहले भी टांक और बन्नू जिलों में सुरक्षा चौकियों पर हमले हो चुके हैं, जिनमें कई सुरक्षाकर्मियों की जान जा चुकी है। यह ताजा घटना ऐसे समय हुई है जब पूरा प्रांत गंभीर सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है।
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