खुला नाला मौत का नाला: ग्रेटर नोएडा में खुले नालों का खतरा एक बार फिर सुर्खियों में है। सेक्टर डेल्टा-II के डिवीजन 5 क्षेत्र में खुले नाले लंबे समय से जनजीवन के लिए खतरा बने हुए हैं, और निवासी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर स्थायी समाधान न करने का आरोप लगा रहे हैं।
“बैंड-एड” उपाय भी हो गए बेकार
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले नालों को अस्थायी रूप से ढका गया था, लेकिन वे उपाय भी अब जर्जर हो चुके हैं और नाले एक बार फिर खुले पड़े हैं। इससे दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ गया है और लोगों के नालों में गिरने की घटनाएं आए दिन हो रही हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता हरिंदर भाटी ने कहा —
“नालों को पहले ऊपर से ढककर खानापूर्ति की गई थी, लेकिन वो उपाय भी टिकाऊ नहीं निकले। अब नाले फिर उघड़े पड़े हैं और हादसे हो रहे हैं।”
निवासी राहुल ने रोष व्यक्त करते हुए कहा —
“हम वर्षों से अधिकारियों को शिकायतें देते आ रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लगता है जब तक कोई बड़ी त्रासदी न हो, प्रशासन की नींद नहीं खुलेगी।”
पृष्ठभूमि: युवराज मेहता की दर्दनाक मौत ने हिला दिया था शहर को
यह चेतावनी बेबुनियाद नहीं है। 16-17 जनवरी 2026 की रात, सेक्टर-150 के पास 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार नाले की दीवार तोड़कर करीब 20 फुट गहरे पानी भरे गड्ढे में जा गिरी। युवराज गुरुग्राम में एक नामी कंपनी में काम करते थे और देर रात घर लौट रहे थे। युवराज के पिता राजकुमार मेहता ने बताया कि उनका बेटा करीब दो घंटे तक पानी में जिंदगी के लिए संघर्ष करता रहा, मदद के लिए चिल्लाता रहा, लेकिन ज़्यादातर भीड़ तमाशबीन बनी रही और कुछ लोग वीडियो बनाते रहे। बाद में सामने आया कि उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने 2023 में ही नोएडा प्राधिकरण को पत्र लिखकर उस गड्ढे से पानी निकालने और हेड रेगुलेटर लगाने की आवश्यकता बताई थी लेकिन वह पत्र फाइलों में दब गया और काम कभी शुरू नहीं हुआ।
सूरजपुर में भी बाल-बाल बचे तीन युवक
इसी तरह ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर इलाके में सड़क पर भरे पानी के बीच नाला न दिखने की वजह से तीन बाइक सवार युवक नाले में जा गिरे। गुरुद्वारे के पास हुई इस घटना ने एक बार फिर प्राधिकरण की कार्यप्रणाली और बुनियादी ढांचे की खामियों को उजागर किया।
सेक्टर-70 में भी कार गिरी, बचाव खुद निवासियों ने किया
युवराज की मौत के कुछ ही हफ्तों बाद, सेक्टर-70 फेज-3 में एक कार खुले नाले में जा गिरी। वाहन मालिक किसी तरह बाहर निकल आए, लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची — निवासियों ने खुद मिलकर कार को बाहर निकाला। स्थानीय लोगों ने कहा कि उस खिंचाव में न रिफ्लेक्टर थे, न चेतावनी बोर्ड, न बैरिकेडिंग।
निवासियों की मांग अब और नहीं
निवासी अब तत्काल हस्तक्षेप, नालों की स्थायी ढकाई और संबंधित विभागों से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, ताकि आगे कोई हादसा न हो।सवाल यह है कि क्या ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण (@OfficialGNIDA) एक और जान जाने का इंतज़ार करेगा या इस बार कोई ठोस, स्थायी कदम उठाया जाएगा?

