Noida News: नोएडा की थाना फेस-1 पुलिस ने एक फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया है। पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर से जुड़े 3 युवकों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 7 मोबाइल फोन, 4 डेबिट कार्ड, 3 सिमकार्ड, 1 पासबुक, 1 फिनो काम्बो बैंक किट, 04 कंपनी के फर्जी जॉइनिंग लेटर, 03 स्टांप मोहर और 01 चेक बुक बरामद की है।
थाना प्रभारी अमित मान का दावा
थाना फेस-1प्रभारी अमित मान का दावा है कि पुलिस द्वारा मैनुअल इंटेलिजेंस व गोपनीय सूचना की सहायता से फर्जी कॉल सेंटर से जुड़े 03 अभियुक्त 1. विशाल राघव पुत्र प्रवेन्द्र सिंह राघव 2. आमिर उस्मानी पुत्र एहसानुल्लाह 3. वरुण कुमार पुत्र रमेश मलिक को 44ए सेक्टर-16 नोएडा से गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से 6 स्मार्ट मोबाइल फोन, 1 कीपैड मोबाइल फोन, 4 डेबिट कार्ड, 3 सिमकार्ड, 1 पासबुक, 1 फिनो काम्बो बैंक किट, 4 कंपनी के फर्जी जॉइनिंग लेटर, 3 स्टांप मोहर, 2 खाली लिफाफा सिमकार्ड और 1 चेक बुक बरामद की गई है।
पूछताछ में काॅल सेंटर संचालको ने किया खुलासा
पुलिस पूछताछ के दौरान संचालको द्वारा बताया गया कि अभियुक्त विशाल अपने साथियों आमिर उसमानी और वरूण कुमार के साथ मिलकर बैंक खातों, डेबिट कार्ड, चेक बुक और प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड खरीदता था। उन्होंने कहा कि विशाल राघव से प्राप्त बैंक खातों की जानकारी फर्जी कॉल सेंटर के मालिक अनुज कुमार और रोमेश को देता था। अनुज और रोमेश बेरोजगार लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करते और पैसे मांगते थे। इस दौरान विशाल पासबुक, चेक बुक, एटीएम कार्ड और डेबिट कार्ड अपने पास रखकर नकद निकालता और अपना कमीशन काटकर अनुज और रोमेश को देता था। तीनों अभियुक्त मिलकर अनुज और रोमेश को बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध कराते थे। वरूण कुमार द्वारा चलाए जाने वाले इस कॉल सेंटर में “जॉब प्लेसमेंट” के नाम पर बेरोजगारों से पंजीकरण और प्रोसेसिंग शुल्क वसूला जाता था। उन्होंने बताया कि प्राप्त राशि को यह नेटवर्क फर्जी बैंक खातों और सिम कार्ड के जरिए घुमाता था। आरोपी वरूण कुमार एक स्वतंत्र कॉल सेंटर भी संचालित करता था, जिसके माध्यम से वह बेरोजगार व्यक्तियों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करता और उनसे धनराशि वसूलता था। अभियुक्त अनुज और रोमेश पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है।

