न्यूयॉर्क के मेयर ममदानी ने रचा इतिहास: सिटी हॉल में क़ुरआन पर शपथ के बाद अब इफ्तार में हुई नमाज़ और दुआ, जीता सबका दिल

न्यूयॉर्क। भारतीय मूल के मुस्लिम मेयर जहांगीर ममदानी इन दिनों न्यूयॉर्क शहर में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। एक के बाद एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ममदानी ने न सिर्फ अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बना ली है। पहले सिटी हॉल में क़ुरआन पर शपथ ग्रहण और अब सिटी हॉल में ही इफ्तार कार्यक्रम के दौरान नमाज़ और दुआ का आयोजन — ममदानी के ये कदम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गए हैं।

क़ुरआन पर शपथ ने बदली परंपरा

जब ममदानी ने न्यूयॉर्क के मेयर पद की शपथ ली तो उन्होंने इतिहास में पहली बार सिटी हॉल में क़ुरआन पर हाथ रखकर शपथ ग्रहण की। यह पल सिर्फ ममदानी के लिए नहीं बल्कि पूरे मुस्लिम समुदाय के लिए गर्व का क्षण था। अमेरिका जैसे देश में जहां राजनीति में विविधता की बात तो होती है लेकिन व्यवहार में कम दिखती है, वहां ममदानी का यह कदम एक मील का पत्थर साबित हुआ।

सिटी हॉल में इफ्तार — नमाज़ और दुआ से गूंजा हॉल

रमज़ान के पाक महीने में ममदानी ने एक और इतिहास रच दिया। न्यूयॉर्क सिटी हॉल में पहली बार इफ्तार कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें नमाज़ और दुआ भी अदा की गई। इस कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग शामिल हुए। सिटी हॉल की दीवारें पहली बार अज़ान और दुआ की आवाज़ से गूंज उठीं। यह नज़ारा देखकर वहां मौजूद हर शख्स भावुक हो गया।

विविधता और समावेश का दिया संदेश

ममदानी का यह कदम महज़ एक धार्मिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह अमेरिकी समाज में विविधता, समानता और समावेश का एक सशक्त संदेश था। उन्होंने साबित किया कि अमेरिका की ताकत उसकी विविधता में है। ममदानी ने कार्यक्रम में कहा कि रमज़ान त्याग, सेवा और भाईचारे का महीना है और यही मूल्य न्यूयॉर्क शहर की भी पहचान हैं।

भारतीय मूल का गौरव

ममदानी का परिवार भारतीय मूल का है। उनका यह सफर उन तमाम प्रवासी भारतीयों के लिए प्रेरणा है जो विदेश की धरती पर अपनी मेहनत और लगन से मुकाम हासिल कर रहे हैं। भारत में भी उनके इस कदम की जमकर सराहना हो रही है और सोशल मीडिया पर उनका नाम ट्रेंड कर रहा है।

सबने की तारीफ

ममदानी के इस कार्य की न सिर्फ मुस्लिम समुदाय बल्कि हिंदू, ईसाई, यहूदी और अन्य समुदायों के लोगों ने भी दिल खोलकर तारीफ की। लोगों का कहना है कि ममदानी ने यह साबित कर दिया है कि सच्चा नेता वही होता है जो सबको साथ लेकर चले और किसी के साथ भेदभाव न करे। न्यूयॉर्क की जनता का कहना है कि ममदानी ने शहर का दिल जीत लिया है। ममदानी की यह यात्रा बताती है कि जब इरादे नेक हों और नीयत साफ हो तो इतिहास बदलने में देर नहीं लगती।

 

यह भी पढ़ें: ग्रेटर नोएडा: ओमिक्रोन सोसाइटी में कुत्ते के हमले से बच्चा घायल, भड़के लोगों ने किया हंगामा — पुलिस ने दर्ज किया मामला

यहां से शेयर करें