New Noida Land Compensation Rate: 6 अप्रैल 2026 को नोएडा प्राधिकरण की 222वीं बोर्ड बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के विकास, औद्योगिक निवेश और आवासीय योजनाओं से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक की अध्यक्षता औद्योगिक विकास आयुक्त एवं प्राधिकरण के चेयरमैन मनोज कुमार सिंह ने की।इसी बैठक में न्यू नोएडा (DNGIR — दादरी-नोएडा-गाजियाबाद इन्वेस्टमेंट रीजन) के किसानों के लिए जमीन अधिग्रहण की मुआवजा दर पर बड़ा फैसला लिया गया।
क्या है मुआवजा दर?
न्यू नोएडा में किसानों को जमीन अधिग्रहण के दौरान मुआवजा यमुना अथॉरिटी के बराबर ₹4300 प्रति वर्ग मीटर की दर से दिया जाएगा। इसके साथ ही अधिग्रहित जमीन के बदले किसानों को 7 प्रतिशत विकसित भूमि देने का प्रावधान भी किया जाएगा। नोएडा अथॉरिटी के सीईओ कृष्णा करुणेश ने बताया कि न्यू नोएडा में मुआवजा दर यमुना विकास प्राधिकरण की तर्ज पर रखी गई है। संभावना है कि नई योजना में इस दर में कुछ बढ़ोतरी भी की जा सकती है।
क्यों चुना गया यमुना अथॉरिटी का मॉडल?
यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) का मॉडल पहले से किसानों और सरकार दोनों के बीच स्वीकार्य रहा है। न्यू नोएडा के लिए लगभग 80 गांवों की भूमि का अधिग्रहण किया जाना है, जिसके बदले किसानों को यमुना विकास प्राधिकरण की तर्ज पर मुआवजा देने की तैयारी है।
मुआवजा कैसे तय होगी — क्या हैं पैमाने?
मुआवजा दर तय करने के लिए सर्किल रेट, हवाई अड्डे और जीटी रोड से दूरी, जमीन की उपयोगिता और गांवों की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखा जाएगा। यानी जिस गांव की जमीन जेवर एयरपोर्ट या नेशनल हाईवे के ज्यादा करीब होगी, उसे बेहतर दर मिलने की संभावना रहेगी।
हाइब्रिड मॉडल से होगा अधिग्रहण
न्यू नोएडा में किसानों की जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया हाइब्रिड मॉडल पर आधारित होगी — आपसी सहमति और लैंड पूलिंग, दोनों विकल्प खुले रहेंगे। नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सतीश पाल ने बताया कि न्यू नोएडा के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इससे पहले मुआवजा दर तय करने के लिए गांव के लोगों के साथ बैठक की जा रही है।
कहां से शुरू होगा अधिग्रहण?
पहले चरण में 3,165 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। जमीन किसानों से आपसी सहमति और मुआवजा दर तय करने के बाद खरीदी जाएगी। नया नोएडा का विकास सबसे पहले ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और जीटी रोड के अलगाव बिंदु से शुरू होगा, जिसमें जोखाबाद और सांवली जैसे गांव शामिल हैं। न्यू नोएडा में 80 गांवों को शामिल किया गया है, जिनमें करीब 16 हजार किसान परिवार रहते हैं। मुआवजा दर तय होने के बाद सबसे पहले 15 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा, जिनमें करीब 3000 किसान परिवार रहते हैं।
न्यू नोएडा परियोजना का खाका
यह नया शहर 209.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला होगा। इस मास्टर प्लान को दिल्ली के स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) द्वारा तैयार किया गया है, जो शिकागो और यूरोपी शहरों की तर्ज पर आधारित है।
चार चरणों में होगा विकास:
पहले चरण में 3165 हेक्टेयर भूमि पर विकास कार्य 2027 तक पूरा किया जाना है। दूसरे चरण में 2032 तक 3798 हेक्टेयर, तीसरे चरण में 2037 तक 5908 हेक्टेयर और चौथे व अंतिम चरण में 2041 तक 8230 हेक्टेयर भूमि का विकास करने का लक्ष्य रखा गया है।
किसानों को क्या-क्या मिलेगा — एक नजर में
| लाभ | विवरण |
|---|---|
| नकद मुआवजा | ₹4300 प्रति वर्ग मीटर |
| विकसित भूमि | 7% हिस्सा वापस मिलेगा |
| अधिग्रहण मॉडल | आपसी सहमति + लैंड पूलिंग |
| पहले चरण में गांव | 15 गांव (3165 हेक्टेयर) |
| कुल प्रभावित परिवार | ~16,000 किसान परिवार |
रोजगार और विकास की उम्मीद
नया नोएडा प्रोजेक्ट से करीब एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है। नए शहर में कुल 6 लाख आबादी बसाने का लक्ष्य है, जिसमें करीब 3.5 लाख लोग माइग्रेट होकर बसेंगे। न्यू नोएडा में 8 हजार हेक्टेयर जमीन औद्योगिक निवेश के लिए आरक्षित की जाएगी, जिससे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और यह इलाका राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़े निवेश हब के रूप में उभरेगा।
बजट में भी बड़ा प्रावधान
222वीं बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹10,290.76 करोड़ का बजट प्रस्ताव पारित किया गया। आने वाले वर्ष में इस बजट के जरिए शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर, औद्योगिक विकास और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा। न्यू नोएडा के किसानों के लिए मुआवजा दर घोषित होना एक बड़ा कदम है। ₹4300 प्रति वर्ग मीटर और 7% विकसित भूमि का यह पैकेज किसानों को राहत देगा। अब नजरें इस पर हैं कि शासन की अंतिम मंजूरी कब मिलती है और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया कब से जमीन पर उतरती है।
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