मोजतबा खामेनी की हालत ब्रिटिश टैब्लॉयड ‘द सन’ के हवाले से इंडिया टुडे की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 28 फरवरी को इजरायल-अमेरिकी एयरस्ट्राइक में अपने पिता अयातुल्लाह अली खामेनी की मौत के बाद मोजतबा खामेनी भी गंभीर रूप से घायल हुए है। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कम से कम एक पैर गंवा दिया, पेट या लीवर में चोट लगी और वे कोमा में हैं। उन्हें तेहरान के सीना यूनिवर्सिटी अस्पताल में भारी सुरक्षा में इलाज चल रहा है।
हालांकि, ये दावे पूरी तरह असत्यापित हैं। ईरानी अधिकारियों ने इन्हें सिरे से खारिज कर दिया है। रॉयटर्स को एक ईरानी अधिकारी ने बताया कि मोजतबा ‘हल्के घायल’ हैं लेकिन सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, उनके पैरों में चोट आई थी, लेकिन वे सतर्क हैं और सुरक्षित स्थान पर हैं। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि उन्होंने आज ही पहला बयान जारी किया, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने की धमकी दी। इससे साफ है कि वे कम्युनिकेशन में हैं।
ईरानी राज्य टेलीविजन ने भी एक बयान पढ़कर बदला लेने और हमलों को जारी रखने की बात कही। विश्लेषकों का कहना है कि अली खामेनी की व्यवस्था ‘घोस्ट’ मोड में चल रही है, इसलिए मिसाइल-ड्रोन हमले बिना लीडर के भी जारी हैं। अमेरिकी KC-135 प्लेन क्रैश इसी बीच, मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, कल इराक के ऊपर अमेरिकी वायुसेना का KC-135 रिफ्यूलिंग टैंकर क्रैश हो गया। दो KC-135 टैंकरों के बीच अपरेंट मिड-एयर इंसिडेंट में एक गिरा। यह प्लेन ईरान के खिलाफ अमेरिकी ऑपरेशन्स को सपोर्ट कर रहा था। रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है, अभी तक कोई मौत की पुष्टि नहीं हुई। यह ईरान युद्ध में अमेरिका की चौथी पब्लिकली स्वीकारी गई एयरक्राफ्ट दुर्घटना है।
दोनों घटनाओं का कनेक्शन और युद्ध की दिशा ये दोनों घटनाएं एक साथ सामने आई हैं, जब ईरान-अमेरिका-इजरायल ‘रमजान वॉर’ में तेल बाजार अस्थिर है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। मोजतबा खामेनी को 8 मार्च को सुप्रीम लीडर चुना गया था, लेकिन वे अब तक पब्लिकली नहीं दिखे। उनका परिवार (पत्नी, मां, बहन) भी उस स्ट्राइक में मार दिया गया।
अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है कि मोजतबा पूरी तरह अक्षम हैं या नहीं, लेकिन अफवाहें ईरान की कमांड चेन पर सवाल खड़े कर रही हैं। अमेरिकी प्लेन क्रैश से साफ है कि युद्ध अभी भी तेज है और दोनों तरफ नुकसान हो रहा है। ईरान की तरफ से बदले की चेतावनी जारी है, जबकि अमेरिका-इजरायल का कहना है कि वे लीडरशिप को टारगेट कर रहे हैं। आगे की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है, क्योंकि दोनों घटनाएं क्षेत्रीय अस्थिरता को और बढ़ा सकती हैं।

