Max Hospital: मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल नोएडा के डॉक्टरों ने बरेली के 64 वर्षीय मरीज हुमायूँ मिर्ज़ा पर कॉम्प्लेक्स रोबोटिक प्रोस्टेटेक्टॉमी कर बड़ी सफलता हासिल की। मरीज का प्रोस्टेट सामान्य आकार से लगभग सात गुना बढ़कर 200 ग्राम तक पहुँच गया था।
मरीज पिछले चार साल से दवाइयों पर थे, लेकिन पेशाब संबंधी गंभीर समस्याएँ बनी रहीं। अचानक पेशाब में खून निकलने पर उन्हें इमरजेंसी में लाया गया। जांच में अत्यधिक बढ़ा हुआ प्रोस्टेट और यूरिनरी ब्लैडर में कई ब्लड क्लॉट्स पाए गए। इमेजिंग और एमआरआई से ग्रेड 4 बेनाइन प्रोस्टेट एनलार्जमेंट की पुष्टि हुई।
डॉ. राजेश अहलावत यूरोलॉजी विभाग के ग्रुप चेयरमैन ने बताया कि हल्के प्रोस्टेट एनलार्जमेंट की शुरूआती अवस्था में दवाइयाँ प्रभावी होती हैं, लेकिन गंभीर मामलों में सर्जरी जरूरी होती है। यदि समय पर इलाज न हो तो यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन, ब्लैडर स्टोन्स, किडनी की समस्या या पेशाब बंद होने जैसी जटिलताएँ हो सकती हैं।
डॉ. पंकज वाधवा सीनियर डायरेक्टर, रोबोटिक सर्जरी एवं एंडोयूरोलॉजी विभाग ने बताया कि रोबोटिक प्रोस्टेटेक्टॉमी के जरिए हाई प्रिसिशन सर्जरी, कम ब्लड लॉस, छोटे चीरे और तेज रिकवरी संभव हुई। मरीज को तीसरे दिन डिस्चार्ज किया गया और फॉलो-अप अल्ट्रासाउंड में केवल 12 ग्राम प्रोस्टेट टिश्यू शेष पाया गया। वर्तमान में मरीज पूरी तरह दवाइयों से मुक्त हैं और सामान्य जीवन जी रहे हैं।
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