मथुरा नाव हादसा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में शुक्रवार दोपहर एक दर्दनाक नाव हादसा हो गया। वृंदावन के केशी घाट पर दोपहर पौने तीन बजे के करीब पांटून पुल से टकराकर एक स्टीमर नाव यमुना नदी में पलट गई। इस हादसे में 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 5 लोग अभी भी लापता हैं।
कैसे हुआ हादसा?
यमुना में पहले पीपों का पुल बनाया गया था, लेकिन नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पीपे खोल दिए गए थे। ये पीपे नदी में इधर-उधर तैर रहे थे, जो इस हादसे का कारण बने। चश्मदीदों के मुताबिक, नाव में सवार श्रद्धालुओं ने कई बार नाविक को रुकने की चेतावनी दी, लेकिन नाविक नहीं माना और नाव पुल से जा टकराई। नाव पलटने के बाद नाविक न खुद नदी में कूदा और न ही किसी को पुकारा।
कौन थे यात्री?
नाव में सवार श्रद्धालु पंजाब से आए हुए थे और वृंदावन से देवराहा बाबा मठ की ओर जा रहे थे। यह दल लगभग 150 श्रद्धालुओं का था, जो पंजाब के लुधियाना और उत्तराखंड के मुक्तेश्वर से वृंदावन दर्शन के लिए आया था।
राहत-बचाव अभियान
लगभग 10 घंटे के रेस्क्यू के बाद यमुना नदी से स्टीमर बाहर निकाल लिया गया। स्टीमर पूरी तरह से तहस-नहस हो चुका है, लेकिन अभी भी 5 श्रद्धालु लापता हैं। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें लगभग 50 स्थानीय गोताखोरों के साथ मिलकर बचाव अभियान चला रही हैं।
पीएम मोदी और सीएम योगी की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर बचाव एवं राहत कार्य संचालित करने और घायलों का समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए।
उठ रहे हैं सवाल
इस हादसे के बाद नाव संचालन और घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भविष्य में बेहतर सुरक्षा इंतजाम और निगरानी की आवश्यकता महसूस की जा रही है। बचाव अभियान जारी है और लापता श्रद्धालुओं की तलाश में प्रशासन पूरी तरह जुटा हुआ है।

