कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की सेंट्रल नोएडा सर्विलांस टीम ने तकनीक आधारित विशेष अभियान के तहत कुल 121 गुम मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग ₹35 लाख बताई जा रही है। बरामद अधिकांश फोन 2020 से मई 2026 के बीच गुम हुए थे और CEIR पोर्टल तथा सर्विलांस मॉनिटरिंग की मदद से उनके असली मालिकों तक पहुँचाए गए।
एडिशनल डीसीपी स्वतंत्र सिंह के नेतृत्व में चलाए गए इस ऑपरेशन में सर्विलांस सेल ने CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल, थाने की शिकायतों और तकनीकी ट्रेसिंग का समन्वित उपयोग करके विभिन्न सार्वजनिक स्थानों—बाजार, बसों, ऑटो-रिक्शा, मेट्रो स्टेशनों और पार्कों—से खोए हुए फोन ट्रेस कर उन्हें बरामद किया। टीम ने कहा कि इनमें से सबसे पुराना मोबाइल 2020 में गुम हुआ था, जिसे हाल ही में रिकवर किया गया। पुलिस अधिकारी ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि यह अभियान थाना सूरजपुर के दायरे में संचालित सक्रिय सर्विलांस और कमिश्नरेट की दिशा-निर्देशित पहलों का नतीजा है। “हमने CEIR पोर्टल और सर्विलांस के माध्यम से लगातार ट्रैकिंग की और सफलता प्राप्त हुई,” अधिकारी ने कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकतर फोन चोरी कर किसी पार्टी को बेचे नहीं गए थे, बल्कि भीड़-भाड़ वाले स्थानों, पार्कों और कामकाजी स्थानों पर गिरने या भूल जाने के कारण खोए थे। बरामद किए गए सभी उपकरणों की शिनाख्त कर उनके मालिकों को सौंप दिया गया। फोन वापस मिलने पर नागरिकों ने पुलिस टीम को भावभीनी धन्यवाद और सराहना जताई। कई लोगों ने कहा कि मोबाइल पर न केवल आर्थिक मूल्य था बल्कि उसमें व्यक्तिगत तथा महत्वपूर्ण दस्तावेज़ और यादें भी थीं, जो लौटने से उन्हें बड़ी राहत मिली। एडिशनल डीसीपी स्वतंत्र सिंह ने बताया कि सेंट्रल नोएडा पुलिस टेक्नोलॉजी-आधारित पहलों को और मजबूती दे रही है और ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाए जा रहे हैं ताकि जनता का विश्वास और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उनका कहना था, “हमारी प्राथमिकता नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा है। तकनीकी निगरानी और पोर्टल के समन्वय ने इस सफलता को संभव बनाया।”
बरामदगी में शामिल मोबाइलों की कुल संख्या: 121
अनुमानित कुल बाजार कीमत: लगभग ₹35,00,000
गुमशुदगी की अवधि: 2020 — मई 2026
रिकवरी स्थल: बाजार, बस, ऑटो, मेट्रो स्टेशन, पार्क और अन्य सार्वजनिक स्थान
नेतृत्व व समन्वय: कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर, सर्विलांस सेल, एडिशनल डीसीपी स्वतंत्र सिंह
यह अभियान नागरिकों के लिए बड़ी राहत साबित हुआ है और पुलिस के प्रति जनविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

