पटना एयरपोर्ट पर सुरक्षा चेकिंग में बड़ा खुलासा: 3 अप्रैल 2026 को पटना के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के दौरान एक यात्री के सामान से तीन जिंदा कारतूस (8 mm कैलिबर) बरामद हुए। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की टीम ने दोपहर करीब 1:01 बजे एक्स-रे मशीन पर स्कैनिंग के दौरान यह संदिग्ध वस्तु पकड़ी।
घटना का विवरण
यात्री सैयद मोहसिन अली मसूमी (फुलवारी शरीफ, पटना निवासी) दिल्ली जा रहे थे। वे एयर इंडिया की फ्लाइट से अपने भाई का इलाज कराने नोएडा के एक निजी अस्पताल जा रहे थे। उनके साथ भाई, भाभी और एक कंपाउंडर भी यात्रा कर रहे थे। CISF जवान जिज्ञासा कुमारी द्वारा संचालित मशीन में अलार्म बजने के बाद मैनुअल चेकिंग में कारतूस निकले।
यात्री ने दावा किया कि बैग लॉक था और उन्हें कारतूसों की कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा, “मैं दौड़कर गेट नंबर 11 पर पहुंचा। मेरे सामने लॉक बैग की चेन खोली गई, जिसमें 3 कारतूस निकले। ये कारतूस कहां से आए, इसकी जानकारी मुझे कोई नहीं है।” उन्होंने अपनी गलती मान ली और कहा कि कारतूस गलती से बैग में आ गए होंगे। CISF ने तुरंत यात्री को एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन के हवाले कर दिया। पुलिस अब उनसे विस्तृत पूछताछ कर रही है और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
यह घटना एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रही है। हालांकि CISF की त्वरित कार्रवाई ने किसी बड़े खतरे को टाला, लेकिन यात्री के बैग में जिंदा कारतूस कैसे पहुंचे, इसकी जांच हो रही है। पटना एयरपोर्ट पर पहले भी ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन हर बार CISF की सतर्कता ने संभावित जोखिम को रोका है।
नोट: जानकारी 3 अप्रैल 2026 की दोपहर की रिपोर्ट्स (नवभारत टाइम्स और अन्य स्थानीय स्रोत) पर आधारित है। जांच जारी है, इसलिए आगे की जानकारी में बदलाव संभव है। यह घटना यात्रियों को भी सतर्क रहने की याद दिलाती है कि सामान की जिम्मेदारी उनकी खुद की होती है।
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