LPG-तेल संकट: ईरान-इजरायल-अमेरिका तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग रुकावट के बीच भारत में LPG (रसोई गैस) सिलेंडर की आपूर्ति पर असर पड़ा है। इसके बावजूद केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय, इंडियन ऑयल, एचपीसीएल समेत सभी तेल कंपनियां लगातार आश्वासन दे रही हैं कि देश में पेट्रोल, डीजल और LPG का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। फिर भी सोशल मीडिया पर अफवाहों ने पैनिक बुकिंग और होर्डिंग मचा दिया है। नतीजा—देशभर में गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारें, जगह-जगह मारपीट और मध्य प्रदेश के उमरिया में तो लाइन में खड़े लोगों पर मधुमक्खियों का हमला तक हो गया।
सरकार और कंपनियों का आधिकारिक बयान:
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने 25 मार्च को अंतर-मंत्रालयीय ब्रिफिंग में साफ कहा, “देश में क्रूड ऑयल, पेट्रोल, डीजल और LPG का पर्याप्त स्टॉक है। सभी रिफाइनरी पूरी क्षमता से चल रही हैं। अफवाहों पर विश्वास न करें, पैनिक बुकिंग न करें।” इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने भी बयान जारी कर कहा कि उनके आउटलेट्स पर पर्याप्त स्टॉक है और सामान्य आपूर्ति चल रही है। एचपीसीएल ने भी यही आश्वासन दिया। सरकार ने LPG उत्पादन बढ़ाने और कमर्शियल सिलेंडरों की प्राथमिकता देने के लिए इमरजेंसी कदम उठाए हैं।
जमीन पर हकीकत:
दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में LPG एजेंसियों के बाहर सुबह 4 बजे से कतारें लग रही हैं। कुछ जगहों पर काला बाजार चल रहा है—सिलेंडर ₹3000 तक बिक रहा है।
मारपीट के मामले: गोरखपुर (यूपी), दिल्ली-एनसीआर और कई अन्य शहरों में कतार में जगह लेने को लेकर झड़पें हुईं। ग्राहक और एजेंसी स्टाफ के बीच हाथापाई, एक-दूसरे को धक्का-मुक्की के वीडियो वायरल हो रहे हैं।
मधुमक्खियों का हमला: मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के नौरोजाबाद (नवरोजाबाद) में मंगलवार को LPG सिलेंडर की लाइन में खड़े दर्जनों लोगों पर मधुमक्खियों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया। पास के छत्ते में हलचल के कारण मधुमक्खियां भड़क गईं। लोग सिलेंडर छोड़कर भागे, कई घायल हुए और अस्पताल पहुंच गए। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
पेट्रोल-डीजल पर भी अफवाहों का असर पड़ा। कुछ राज्यों (तेलंगाना, महाराष्ट्र, गुजरात) में पंपों पर ‘नो स्टॉक’ बोर्ड लग गए, हालांकि कंपनियां कह रही हैं कि यह पैनिक बाइंग के कारण अस्थायी है, कोई वास्तविक कमी नहीं।
क्यों फैल रही अफवाहें?
विशेषज्ञों और सरकार का कहना है कि वेस्ट एशिया संकट के कारण आयात प्रभावित होने की खबरें और सोशल मीडिया पर गलत सूचनाएं (जैसे “12 बजे से पेट्रोल-डीजल बंद”) ने लोगों में भय पैदा कर दिया। घरेलू LPG की मांग रोजाना 5.5 लाख सिलेंडर से ज्यादा हो गई है, जबकि सामान्य दिनों में यह कम रहती है। कुछ राज्यों में राजनीतिक दलों ने भी इसे “सरकारी लापरवाही” बताकर मुद्दा बनाया है।
ताजा अपडेट (26 मार्च 2026):
सरकार ने विदेश से अतिरिक्त LPG टैंकर मंगाने की कोशिश तेज कर दी है। दो बड़े टैंकर (92 हजार मीट्रिक टन) होर्मुज पार कर चुके हैं| कई राज्यों में पुलिस और प्रशासन ने कतारों में शांति बनाए रखने के लिए फोर्स तैनात किया है। अभी तक कोई आधिकारिक कीमत बढ़ोतरी नहीं हुई है।
सरकार की अपील:
“अफवाहों पर भरोसा न करें। जरूरत के हिसाब से ही सिलेंडर बुक करें। पर्याप्त स्टॉक है।” — संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा। यह स्थिति उपभोक्ताओं के बीच जागरूकता की कमी और सोशल मीडिया की तेज रफ्तार को उजागर करती है। अगर आप भी कतार में हैं तो शांत रहें—सरकार और कंपनियां लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं। जरूरत पड़ने पर FSSAI या स्थानीय गैस एजेंसी से संपर्क करें।

