कांग्रेस विधायक पर यौन शोषण और गर्भपात का दबाव बनाने का केस दर्ज

Palakkad Congress MLA News: केरल के पलक्कड़ से कांग्रेस विधायक राहुल ममकूटतिल के खिलाफ शुक्रवार को यौन शोषण, बलात्कार और महिला की मर्ज़ी के बिना गर्भपात करवाने के लिए मजबूर करने का गंभीर मामला दर्ज कर लिया गया है। मामला इतना संवेदनशील है कि पीड़िता ने गुरुवार को खुद मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से उनके दफ़्तर में मुलाक़ात कर लिखित शिकायत दी थी। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने तुरंत शिकायत पुलिस महानिदेशक को भेजी और महिला का विस्तृत बयान दर्ज कराया गया।

शुक्रवार को तिरुवनंतपुरम ग्रामीण जिले के वलियामाला पुलिस स्टेशन ने प्राथमिकी दर्ज की, जिसे आगे की जाँच के लिए नेमम थाने को सौंप दिया गया। FIR में धारा 376 (बलात्कार), 313 (महिला की सहमति के बिना गर्भपात करवाना) सहित अन्य गंभीर धाराएँ लगाई गई हैं।

मामला कैसे खुला?
कुछ दिन पहले एक मलयालम न्यूज़ चैनल ने राहुल ममकूटतिल और पीड़िता के बीच कथित वॉट्सऐप चैट और ऑडियो क्लिप प्रसारित किए थे। इनमें विधायक कथित तौर पर महिला को यौन संबंध बनाने के लिए दबाव डालते और गर्भपात करवाने की धमकी देते सुने गए। चैट में विधायक बच्चा पैदा करने की इच्छा भी जाहिर कर रहे थे।

कांग्रेस ने पहले ही कार्रवाई की थी
अगस्त 2025 में ही कई महिलाओं की शिकायतों के बाद कांग्रेस ने राहुल ममकूटतिल को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया था और यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से भी हटा दिया था। उस समय भी पुलिस ने स्टॉकिंग और महिलाओं को परेशान करने के आरोप में केस दर्ज किए थे, लेकिन पीड़िताओं के बयान न होने से जाँच आगे नहीं बढ़ सकी थी।

मौजूदा राजनीतिक स्थिति
9 और 11 दिसंबर को केरल में स्थानीय निकाय चुनाव होने हैं। राहुल ममकूटतिल अभी भी पलक्कड़ में कांग्रेस उम्मीदवारों के लिए सक्रिय प्रचार कर रहे थे। जैसे ही मुख्यमंत्री से मिलने की ख़बर टीवी पर आई, उन्होंने अपना विधायक कार्यालय बंद कर दिया और फ़िलहाल फ़ोन भी बंद कर रखा है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा है कि वे कानूनी रास्ता अपनाएँगे।

सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया
CPI(M) और BJP ने राहुल ममकूटतिल की तत्काल गिरफ़्तारी की माँग की है। CPI(M) ने इसे कांग्रेस की “दोगली नैतिकता” करार दिया है, जबकि BJP ने कहा है कि कांग्रेस महिलाओं की सुरक्षा की बात तो करती है, लेकिन अपने नेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं करती।

कांग्रेस की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन पार्टी के अंदर इस मामले ने भारी असहज स्थिति पैदा कर दी है, ख़ासकर स्थानीय निकाय चुनाव के ठीक पहले।
जाँच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले के और राजनीतिक व कानूनी मोड़ आने की संभावना है।

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