जेवर एयरपोर्ट, फिल्म सिटी, जापानी सिटी और इंडस्ट्रियल हब बना रहे हैं यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को उत्तर भारत का नया आर्थिक इंजन

Yamuna Authority:

ग्रेटर नोएडा/जेवर। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (ल्म्प्क्।) का क्षेत्र इन दिनों उत्तर भारत का सबसे चर्चित और सबसे तेज गति से विकसित होने वाला क्षेत्र बन गया है। साल 2026 को यमुना प्राधिकरण विकास के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। इस वर्ष प्राधिकरण का फोकस औद्योगिक निवेश बढ़ाने, रोजगार सृजन, बेहतर कनेक्टिविटी और विश्वस्तरीय शहरी सुविधाएं विकसित करने पर रहेगा। एक के बाद एक बड़ी परियोजनाओं की घोषणाओं और जमीन पर हो रहे बदलाव ने इस क्षेत्र को निवेशकों, उद्योगपतियों और आम नागरिकों सभी की पहली पसंद बना दिया है।

प्रॉपर्टी रेट में ऐतिहासिक उछाल
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में प्रॉपर्टी के दामों में जो तेजी आई है, वह पिछले कई दशकों में नहीं देखी गई। यमुना प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में 12 से करीब 20 प्रतिशत तक रेट बढ़ाए गए हैं। आवासीय भूखंडों के लिए रेट 25,000 रुपये से बढ़ाकर 35,000 रुपये प्रति वर्गमीटर कर दिया गया है। रेजिडेंशियल प्रॉपर्टीज के रेट 25 प्रतिशत तक बढ़ाए गए हैं, जबकि इंडस्ट्री में 10 प्रतिशत, इंस्टिट्यूशन में 12 प्रतिशत और मेडिकल डिवाइस सेक्टर में 5 प्रतिशत बढ़ोतरी की गई है।
पिछले पांच वर्षों में इस क्षेत्र में जमीन की कीमतों में 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2030 तक यहां की जमीनों के दाम 50 प्रतिशत और बढ़ सकते हैं। इस मूल्य वृद्धि का मुख्य कारण नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, मेट्रो विस्तार और थीम बेस्ड सिटी प्रोजेक्ट्स जैसे बड़े बुनियादी ढांचा विकास हैं। वहीं, प्राधिकरण की आय के मोर्चे पर भी कमाल की बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल प्रॉपर्टी से इनकम 16 से 34 करोड़ के बीच थी और कुल इनकम 2081 करोड़ थी, वहीं इस साल प्रॉपर्टी से इनकम 5,020 करोड़ रही है। जो पिछले साल का दोगुना है।

जेवर एयरपोर्टः विकास का सबसे बड़ा इंजन
साल 2026 में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के आसपास विकास कार्यों को और गति दी जाएगी। एयरपोर्ट से जुड़े एयरोसिटी, लॉजिस्टिक पार्क, होटल, कन्वेंशन सेंटर और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जेवर एयरपोर्ट परियोजना से एक लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना जताई जा रही है।
एयरपोर्ट चालू होने पर प्रॉपर्टी का मूल्य दोगुना होने की संभावना भी जताई जा रही है। जनवरी में एयरपोर्ट चालू होने के बाद जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र के आसपास जमीन के रेट दोगुना होंगे, जो आने वाले समय में चार गुना तक होने की उम्मीद है। हालांकि एयरपोर्ट का उद्घाटन किस तारिख को होगा ये तय नही किया गया है।

इंटरनेशनल फिल्म सिटीः मनोरंजन उद्योग का नया केंद्र
यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे सेक्टर-21 में विकसित की जा रही इंटरनेशनल फिल्म सिटी उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल है। एक हजार एकड़ में विकसित होने वाली इस परियोजना को जून 2028 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। छमूेजतंबा नोएडा में विकसित हो रही फिल्म सिटी प्रदेश को मनोरंजन उद्योग का हब बनाएगी। इससे मीडिया, फिल्म प्रोडक्शन और तकनीकी क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार के नए दरवाजे खुलेंगे। फिल्म सिटी के विकास से पर्यटन क्षेत्र को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। सरकार की योजना है कि फिल्म सिटी के आसपास होटल, कन्वेंशन सेंटर और मनोरंजन से जुड़ी गतिविधियां विकसित की जाएं। इसका सीधा लाभ स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग और सेवा क्षेत्र को मिलेगा।

सेमीकंडक्टर से मेडिकल तकः इंडस्ट्रियल निवेश का ऐतिहासिक विस्तार

YEIDA क्षेत्र अब उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के सबसे तेज़ी से उभरते इंडस्ट्रियल और इन्वेस्टमेंट हब के रूप में अपनी मजबूत पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है। सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, पीसीबी, सोलर एनर्जी और मेडिकल एजुकेशन जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में हुए बड़े भूमि आवंटन ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले वर्षों में यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र देश की इंडस्ट्रियल ग्रोथ का इंजन बनने वाला है। इन औद्योगिक इकाइयों में SAEL Solar (नवीकरणीय ऊर्जा), Havells India (इलेक्ट्रॉनिक्स), Minda Corporation (ऑटो कंपोनेंट्स) जैसी बड़ी कंपनियां प्रमुख हैं। इन कंपनियों की मौजूदगी से YEIDA क्षेत्र ग्रीन एनर्जी, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का मजबूत केंद्र बनता जा रहा है।

जापानी सिटीः विदेशी निवेश की आई नई लहर
बता दें कि यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में लगभग 500 एकड़ जमीन पर जापानी सिटी विकसित की जाएगी। इन्वेस्ट यूपी ने जापान की प्रमुख औद्योगिक संस्थाओं के साथ सहयोग बढ़ाया है, जिससे यूपी में उद्योगों के लिए नए अवसर पैदा होंगे और राज्य में विदेशी निवेश का दायरा तेजी से बढ़ेगार्। मम छमूे इससे पहले इसी क्षेत्र में सिंगापुर की कंपनियां भी अपना कदम रख चुकी हैं।

रोजगार के अवसरः कहाँ से, कैसे और कितने?
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में विकास की यह आंधी लाखों नौजवानों के लिए रोजगार का सुनहरा दरवाजा खोल रही है। औद्योगिक भूखंडों के रेट में सबसे कम बढ़ोतरी जानबूझकर की गई है, ताकि ज्यादा से ज्यादा उद्योगों को बढ़ावा मिल सके। ज्यादा उद्योग स्थापित होंगे तो यहां का विकास तेजी से होगा।
रोजगार सृजन के मुख्य क्षेत्र निम्नलिखित हैं
एयरपोर्ट सेक्टरः जेवर एयरपोर्ट के संचालन से एविएशन, ग्राउंड हैंडलिंग, लॉजिस्टिक्स, कस्टम्स, हॉस्पिटैलिटी और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध होगा।
फिल्म एवं मनोरंजन उद्योगः 1,000 एकड़ की फिल्म सिटी में स्टूडियो तकनीशियन, एक्टर, निर्देशक, वीएफएक्स कलाकार, कैमरामैन और इवेंट मैनेजर जैसे हजारों पदों पर नियुक्तियां होंगी।

इंडस्ट्रियल एवं मैन्युफैक्चरिंगः सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर एनर्जी कंपनियों में इंजीनियरिंग, आईटीआई और डिप्लोमा धारकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
निर्माण एवं रियल एस्टेटः तेजी से हो रहे आवासीय और व्यावसायिक निर्माण से बड़ी संख्या में श्रमिकों, ठेकेदारों, आर्किटेक्ट और सिविल इंजीनियरों की मांग बनी हुई है।
कौशल विकास की तैयारीः उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत वित्त वर्ष 2017-18 से मार्च 2025 तक कुल 14,13,716 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 5,66,483 को रोजगार भी मिल चुका है।

हेरिटेज कॉरिडोर और ग्रीन सिटीः पर्यटन और पर्यावरण पर भी ध्यान
यीडा एक हेरिटेज कॉरिडोर बना रहा है, जो यमुना एक्सप्रेसवे पर 101वें किलोमीटर से शुरू होकर 8 लेन का होगा और सीधे मथुरा-वृंदावन तक जाएगा। ठनेपदमेे ैजंदकंतक इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय व्यापार एवं रोजगार के नए अवसर बनेंगे। 2026 में यमुना प्राधिकरण ग्रीन और स्मार्ट सिटी की अवधारणा को आगे बढ़ाएगा, जिसमें बड़े स्तर पर पौधारोपण, वर्षा जल संचयन, सोलर एनर्जी और स्मार्ट स्ट्रीट लाइट्स जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम किया जाएगा।

आवासीय योजनाएंः आम नागरिकों के लिए खुले दरवाजे
यमुना प्राधिकरण ने आवासीय सेक्टरों के विकास के लिए 243 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है। इस राशि से सड़कों, सीवर, ड्रेनेज, बिजली, पार्क, ग्रीन बेल्ट और अन्य मूलभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इसके अलावा जेवर एयरपोर्ट के पास 4,000 रेजिडेंशियल प्लॉट की मेगा योजना भी लाई जा रही है। प्राधिकरण की कोशिश है कि सामान्य वर्ग के नागरिक भी इस विकास यात्रा के भागीदार बनें।

यमुना प्राधिकरण के सीईओ आरके सिंह का बयान
यमुना प्राधिकरण के सीईओ आरके सिंह के अनुसार, बड़ी तादाद में देशी-विदेशी कंपनियां यीडा में अपने उद्यम लगाने के लिए आगे आ रही हैं। एनसीआर के छह जिले इसी प्राधिकरण के दायरे में आते हैं और हाल ही में 55 नए गांव भी यीडा के तहत लाए गए हैं। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि यह क्षेत्र अगले पांच वर्षों में छब्त् का सबसे बड़ा निवेश गंतव्य बनेगा। यहां प्रॉपर्टी में आज निवेश करने वाले भविष्य में कई गुना लाभ उठाने की स्थिति में होंगे।

 

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