iPhone यूजर्स पर मंडराया हैकिंग का खतरा: ‘डार्कस्वॉर्ड’ स्पाइवेयर से सिर्फ वेबसाइट खोलते ही फोन हैक, डेटा चोरी का अलर्ट

iPhone यूजर्स पर मंडराया हैकिंग का खतरा: दुनिया भर के करीब 27 करोड़ iPhone यूजर्स पर गंभीर हैकिंग का खतरा मंडरा रहा है। साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स ने ‘डार्कस्वॉर्ड’ नामक एक शक्तिशाली स्पाइवेयर (मैलवेयर) का खुलासा किया है, जो संक्रमित वेबसाइट खोलते ही iPhone को हैक कर सकता है। यूजर्स को बस एक मैलिशियस लिंक पर क्लिक करना पड़ता है या संक्रमित साइट विजिट करनी पड़ती है, और फोन का पूरा डेटा लीक हो सकता है – कॉन्टैक्ट्स, मैसेज, फोटोज, बैंक डिटेल्स और यहां तक कि क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट तक चुराए जा सकते हैं।

रॉयटर्स, iVerify और Lookout जैसी कंपनियों की रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह स्पाइवेयर मुख्य रूप से यूक्रेन की दर्जनों वेबसाइट्स पर प्लांट किया गया था, लेकिन इसका दायरा वैश्विक है। यह iOS 18.4 से 18.6.2 वर्जन वाले iPhone को टारगेट करता है, जो 2025 में रिलीज हुए थे। रिसर्चर्स का अनुमान है कि दुनिया में 22 करोड़ से 27 करोड़ iPhone अभी भी इन पुराने या अपडेट न किए वर्जन पर चल रहे हैं, क्योंकि कई यूजर्स अपडेट इंस्टॉल नहीं करते।

कैसे काम करता है डार्कस्वॉर्ड?
यह वेब-बेस्ड एक्सप्लॉइट है, यानी सफारी ब्राउजर के जरिए काम करता है। यूजर को कोई फाइल डाउनलोड करने या कुछ क्लिक करने की जरूरत नहीं – सिर्फ साइट खोलने से ही डिवाइस में घुसपैठ हो जाती है। एक बार इंस्टॉल होने पर स्पाइवेयर बैकग्राउंड में चलता रहता है, डेटा चुराता है और क्रिप्टो ट्रांजेक्शन भी ट्रैक कर सकता है। शुरुआत में यूक्रेन फोकस था, लेकिन अब यह क्रिमिनल ग्रुप्स द्वारा इस्तेमाल हो रहा है, खासकर चीन और अन्य देशों में फाइनेंशियल फ्रॉड के लिए।

एप्पल की तरफ से क्या किया गया?
एप्पल ने इन कमजोरियों को कई अपडेट्स में पैच कर दिया है, लेकिन पुराने वर्जन वाले यूजर्स अभी भी खतरे में हैं। रिसर्चर्स ने सलाह दी है कि iOS को तुरंत लेटेस्ट वर्जन (iOS 18.7 या उससे ऊपर) पर अपडेट करें। साथ ही, अनजान लिंक्स पर क्लिक न करें, Lockdown Mode ऑन रखें और संदिग्ध साइट्स से बचें।

बचाव के तरीके
iPhone सेटिंग्स > जनरल > सॉफ्टवेयर अपडेट में जाकर तुरंत अपडेट इंस्टॉल करें। Safari में ‘Prevent Cross-Site Tracking’ और ‘Fraudulent Website Warning’ ऑन रखें। अनजान मैसेज या लिंक्स से सावधान रहें, खासकर सोशल मीडिया या ईमेल से आए।अगर संदेह हो तो iVerify या Lookout जैसे ऐप्स से डिवाइस स्कैन करवाएं।

यह खतरा iPhone की ‘सबसे सुरक्षित’ इमेज को चुनौती दे रहा है। साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि अपडेट न करने वाले यूजर्स सबसे ज्यादा रिस्क में हैं। अगर आप iPhone यूजर हैं, तो अभी अपडेट चेक करें – एक छोटी सी लापरवाही महंगी पड़ सकती है!

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