India-Canada ‘reset’: पीएम मोदी ने कनाडाई पीएम मार्क कार्नी से हैदराबाद हाउस में की मुलाकात, संबंध रीसेट और बड़े डील्स पर चर्चा; यूरेनियम समझौते की उम्मीद

India-Canada ‘reset’: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से दिल्ली के हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय मुलाकात की। दोनों नेताओं ने हाथ मिलाते हुए बैठक की शुरुआत की और फिर प्रतिनिधिमंडल स्तर पर विस्तृत वार्ता हुई। यह मुलाकात भारत-कनाडा संबंधों को 2023 के तनाव के बाद रीसेट करने और व्यापार, ऊर्जा तथा रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

कार्नी अपनी पहली आधिकारिक भारत यात्रा (27 फरवरी से 2 मार्च) पर हैं। उन्होंने मुंबई में उद्योगपतियों से मुलाकात के बाद दिल्ली पहुंचे। बैठक में व्यापार, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, नवाचार, स्वच्छ ऊर्जा और लोगों के बीच संबंधों पर फोकस रहा। विदेश मंत्री एस जयशंकर, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। संयुक्त प्रेस स्टेटमेंट की तैयारी चल रही है।

मुख्य चर्चा के मुद्दे और अपेक्षित डील्स:
• यूरेनियम आपूर्ति समझौता: दोनों देश 10 साल के लिए लगभग 2-3 अरब डॉलर (करीब ₹2,200-2,500 करोड़) के यूरेनियम सप्लाई डील पर हस्ताक्षर के करीब हैं। कनाडा की कंपनी कैमेको (Cameco) से सप्लाई होगी, जो भारत की परमाणु ऊर्जा जरूरतों को बढ़ावा देगी।2129
• CEPA पर प्रगति: व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) इस साल के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 70 अरब कनाडाई डॉलर तक दोगुना करने की योजना है।
• अन्य क्षेत्र: क्रिटिकल मिनरल्स, AI, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और आपूर्ति श्रृंखला पर सहयोग। पश्चिम एशिया (इजराइल-ईरान तनाव) की स्थिति पर भी चर्चा हुई।

पृष्ठभूमि:
2023 में खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर हुए राजनयिक विवाद के बाद संबंध खराब हो गए थे। कार्नी (जो मार्च 2025 से पीएम हैं) के नेतृत्व में दोनों देशों ने हाई कमिश्नर फिर से नियुक्त किए और संबंध सुधारने के प्रयास तेज कर दिए। कनाडा ने स्पष्ट किया कि भारत उसके क्षेत्र में हिंसक अपराधों से जुड़ा नहीं है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह मुलाकात भारत-कनाडा रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा का हिस्सा है। बैठक के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में विस्तृत बयान और संभवतः कुछ MoU के एक्सचेंज की उम्मीद है। यह दौरा दोनों देशों के लिए ‘विन-विन’ साबित हो सकता है, खासकर वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच आर्थिक विविधीकरण की जरूरत को देखते हुए। नवीनतम अपडेट्स के अनुसार, कोई अंतिम हस्ताक्षर अभी पुष्ट नहीं हुआ है, लेकिन सकारात्मक माहौल है।

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