6 अक्तूबर को चुनाव आयोग तक मार्च, राहुल की पीएम उम्मीदवारी पर ममता ने टाला सवाल

नई दिल्ली। विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक की दिल्ली में हुई अहम बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त रणनीति तय की गई। बैठक के बाद नेताओं ने देशभर में आंदोलन तेज करने का एलान किया।

राहुल की उम्मीदवारी पर ममता का टाला जवाब

बैठक के बाद पत्रकारों ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से पूछा कि क्या राहुल गांधी 2029 के लोकसभा चुनाव में गठबंधन की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। इस पर ममता ने सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा कि इस विषय पर गठबंधन गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा। बैठक के बाद इंडिया ब्लॉक की ओर से भी 2029 के लिए किसी एक चेहरे की घोषणा नहीं की गई।

आंदोलन की रूपरेखा

बैठक में हिस्सा लेने वाले नेताओं ने आगे की रणनीति साझा की:

2 अक्तूबर, गांधी जयंती से देश के हर जिले में एक सप्ताह तक कार्यक्रम चलाए जाएंगे — यह जानकारी माकपा-माले नेता दीपांकर भट्टाचार्य ने दी।

6 अक्तूबर को इंडिया ब्लॉक के सभी सांसद संसद भवन से चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च करेंगे।

विपक्षी नेता राष्ट्रपति से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपने की तैयारी में हैं।

भाकपा सांसद पी. संदोश ने बताया कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली आयोजित होगी।

एसआईआर से जुड़े लंबित मामलों में विपक्षी दल संयुक्त रूप से सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की तैयारी में हैं।

तेजस्वी यादव के आरोप

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बैठक के बाद एसआईआर को लेकर कई आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया की शुरुआत बिहार से हुई थी, जिसे लेकर विपक्ष ने पहले ही आशंका जताई थी। तेजस्वी ने बिहार और बंगाल के चुनावों में गड़बड़ी का आरोप लगाया और दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर नियमों में बदलाव किए गए तथा चुनाव आयुक्तों की चयन समिति से मुख्य न्यायाधीश को हटाया गया। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि इन फैसलों के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का हाथ है। यह उल्लेखनीय है कि ये तेजस्वी यादव के आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। तेजस्वी ने बिहार के जामुई मामले का भी जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पॉक्सो कानून के प्रावधानों के उल्लंघन के बावजूद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, जबकि अन्य पर एफआईआर दर्ज हुई। उन्होंने इसे कानून के असमान प्रयोग का उदाहरण बताया। यह भी तेजस्वी यादव का दावा है।

अन्य दलों की प्रतिक्रिया

समाजवादी पार्टी सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा कि पूरा इंडिया ब्लॉक लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए एकजुट है और अखिलेश यादव व राहुल गांधी मिलकर काम कर रहे हैं। पार्टी के दूसरे प्रतिनिधि हरेंद्र सिंह मलिक ने कहा कि सपा गठबंधन के साथ रहेगी और कांग्रेस के साथ चुनाव लड़ेगी। माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने भी 6 अक्तूबर के मार्च और सुप्रीम कोर्ट में संयुक्त याचिका की पुष्टि की। वहीं राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।

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