संदिग्ध गतिविधि की तत्काल पुलिस को दे सूचना: गौड़ 

Ghaziabad news  बीट प्रणाली ने कानून-व्यवस्था को मजबूत, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने के साथ-साथ अपराध और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े खतरों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए रेलवे स्टेशन और कैन्टोनमेंट पर सोलर कैमरे स्थापित कर फोटो और वीडियो विदेशों में भजने वाले छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों की पहचान सुहेल मलिक, साने इरम, प्रवीन, राज वाल्मीकि शिवा वाल्मीकि और रितिक गंगवार के रूप में हुई है। जांच में आरोपियों के मोबाइल में विदेशी नंबरों पर संवेदनशील स्थानों की फोटो और वीडियो भेजने के प्रमाण मिले। इसके साथ ही दिल्ली कैन्ट और सोनीपत रेलवे स्टेशन पर सोलर कैमरे लगाने के साक्ष्य भी प्राप्त हुए।
पुलिस आयुक्त जे रविंद्र गौड़ ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी थाना, बीट पुलिस अधिकारी या डायल 112 पर दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
पुलिस आयुक्त जे. रविंद्र गौड ने बताया कि पारंपरिक पुलिसिंग को आधुनिक, खुफिया-आधारित और समुदाय-केंद्रित पुलिसिंग में बदलने की एक बड़ी पहल है। कमिश्नरेट क्षेत्र को 2131 बीटों में विभाजित किया गया है नगर जोन-640, ट्रांस हिंडन जोन-693 और ग्रामीण जोन-798। कुल 941 बीट उप-निरीक्षक और 1431 बीट पुलिस अधिकारियों को प्रत्येक बीट के निगरानी और जनसंपर्क की जिम्मेदारी दी गई है। इस प्रणाली के तहत बीट अधिकारी स्थानीय क्षेत्र और नागरिकों से परिचित होकर अपराध की पूर्व चेतावनी देते हैं। सूचनाओं को तत्काल उच्चाधिकारियों तक पहुंचाकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं। जनता के साथ संवाद स्थापित कर विश्वास और सुरक्षा भावना बढ़ाते हैं।
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पुलिस ने देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त गिरोह का भण्डाफोड़ कर नौ आरोपी पकड़े

Ghaziabad news  थाना कौशाम्बी पुलिस एवं एसआईटी ने शुक्रवार को देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से नौ मोबाइल फोन ,  सीसीटीवी कैमरे  और अन्य उपकरण बरामद किया हैं।
एडिशनल पुलिस कमिश्नर  राजकरण नैय्यर ने बताया कि गिरोह देश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और रेलवे स्टेशनों की गुप्त वीडियो/फोटो विदेशी नंबरों पर भेज रहा था।
एसआईटी की पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का संचालन सीमापार से हो रहा था। मुख्य हैंडलर सुहैल मलिक , नौशाद अली  और समीर उर्फ शूटर हैं। आरोपी देश के विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा बलों और रेलवे स्टेशनों की रेकी कर, फोटो और वीडियो के साथ जीपीएस  लोकेशन विदेश भेजते थे। आरोपी तकनीकी रूप से दक्ष कम उम्र के युवकों को गिरोह में शामिल करते थे, प्रत्येक टास्क के लिए 500 से 15,000 रुपये तक भुगतान किया जाता था, जो यूपीआई प्लेटफॉर्म के माध्यम से नहीं बल्कि विभिन्न जनसेवा केन्द्रों और दुकानों से नकद लिया जाता था।
एडिशनल सीपी राजकरण नैय्यर ने बताया कि आरोपी विदेश में व्हाट्सअप चलाने के लिए सिम कार्ड और ओटीपी का प्रयोग करते थे। इसके अलावा, दिल्ली कैंट और सोनीपत रेलवे स्टेशन पर सौर ऊर्जा संचालित स्टैंडअलोन सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए थे, जिनकी फीड विदेशी नंबरों पर भेजी जा रही थी।

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